Edited By Neetu Bala, Updated: 22 Feb, 2026 04:39 PM

पूरे 20 किलोमीटर के तैयार हो रहे खंड पर आधिकारिक तौर पर अथारिटी द्वारा अगले 3 महीने में यातायात को चलने की अनुमति दी जाएगी।
बनी/कठुआ (राकेश) : जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी व बाबा श्री अमरनाथ यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं व पर्यटकों को अगले 3 महीनों तक यात्रा के दौरान पहले कठुआ जिला में प्रवेश करने पर बड़ी राहत मिलने जा रही है। ये राहत लंबे इंतजार के बाद नैशनल हाइवे अथारिटी द्वारा दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रैस-वे के सबसे पहले बनकर तैयार हो रहे 20 किलोमीटर खंड पर सरपट वाहन दौड़ने से मिलेगी। जम्मू-कश्मीर नैशनल हाइवे अथारिटी कठुआ जिला मुख्यालय से सटे भागथली से लेकर चडवाल- हीरानगर तक 20 किलोमीटर फोरलेन मार्ग की सुविधा वाले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि सकता चक से लेकर चड़वाल तक करीब 12 किलोमीटर का हिस्सा तैयार हो चुका है, जिस पर अभी से ही वाहन दौड़ना शुरू हो चुके हैं, लेकिन पूरे 20 किलोमीटर के तैयार हो रहे खंड पर आधिकारिक तौर पर अथारिटी द्वारा अगले 3 महीने में यातायात को चलने की अनुमति दी जाएगी।
कठुआ जिला में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रैस-वे की करीब 40 किलोमीटर लंबाई है, जिसमें से 20 किलोमीटर तो तैयार हो रहा है और शेष बचा 24 किलोमीटर भी जून से पहले तैयार करने का लक्ष्य है। जो पंजाब के बलसूआ से लेकर तक कुल 44 किलोमीटर तक है। इसके निर्माण में 1800 करोड़ खर्च हो रहा है।
परियोजना में रावी दरिया पर एशिया में अपनी तरह का पहला पुल बनाया गया
कठुआ, हीरानगर खंड पर सीमा क्षेत्र में एलिवेटेड कॉरिडोर, प्रमुख पुलों और वायडक्ट्स पर महत्वपूर्ण प्रगति के साथ काम उन्नत चरणों में है। 44 किलोमीटर लंबा, 4-लेन (8-लेन तक विस्तारित किया जा सकता है) का यह खंड रावी नदी पर बने एक महत्वपूर्ण कैंटिलीवर पुल को शामिल करेगा, जिसे एशिया में अपनी तरह का पहला पुल बताया गया है। इस खंड में रावी दरिया के ऊपर एक कैंटिलीवर पुल और वैष्णो देवी व स्वर्ण मंदिर तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए डिज़ाइन की गई एलिवेटेड संरचनाएं शामिल हैं। 19 स्पैन वाला यह एलिवेटेड स्ट्रक्चर भारत के सबसे बड़े एलिवेटेड स्ट्रक्चर में से एक है। यह प्रभावशाली उपलब्धि पंजाब के पठानकोट के बलसुआ से लेकर जम्मू और कश्मीर के कठुआ के हीरानगर तक फैले 44 किलोमीटर लंबे एक्सप्रैस-वे पर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
उल्लेखनीय है कि भारत माला परियोजना के तहत करीब 40 हजार करोड़ की लागत से तैयार होने वाले 670 किलोमीटर लंबा एक्सप्रैस-वे मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
मौजूदा जम्मू-पठानकोट हाइवे पर यातायात का भार होगा कम
इस परियोजना के पूरा होने पर सबसे अहम 16 घंटे व्यस्त रहने वाले जम्मू-पठानकोट हाइवे पर यातायात का भार कम होगा। इसके साथ ही यातायात इस पर डायवर्ट होने से सड़क हादसे भी कम होंगे और लंबे रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों का समय बचेगा। हाइवे अथारिटी ने इस मार्ग से दिल्ली से अमृतसर कटड़ा के बीच मात्र साढ़े 6 घंटे की दूरी रहने की बताई है।
“जम्मू-कश्मीर में सबसे पहले दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रैस-वे के निर्माण का 20 किलोमीटर खंड भागथली से लेकर हीरानगर तक तैयार हो जाएगा। जिस पर यातायात चलने की अनुमति दी जाएगी। भागथली से सकता चक-दयालचाक तक अंतिम चरण में है और इस निर्माण में सबसे अहम कठुआ जिला में बलसूआ से हीरानगर तक 44 किलोमीटर खंड जून तक तैयार करने का लक्ष्य है।
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