Edited By Neetu Bala, Updated: 14 Feb, 2026 12:51 PM

सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि फेफड़े, स्तन, मुंह, गर्भाशय ग्रीवा, प्रोस्टेट और अग्न्याशय कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले प्रकार हैं।
जम्मू : जम्मू-कश्मीर में पिछले 3 वर्षों के दौरान कुल 32,425 कैंसर के मामलों की पुष्टि हुई है। जम्मू संभाग में पिछले 3 वर्षों में कुल 6,804 कैंसर मामले दर्ज किए गए। वहीं कश्मीर संभाग में कुल 25,621 मामले सामने आए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पूरे जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2023 में कुल 10,657 और वर्ष 2024 में 11,166 कैंसर के मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2025 में स्कीम्स सौरा, GMC Jammu और GMC Srinagar में मिलाकर लगभग 10,000 कैंसर मामले दर्ज किए गए।
स्कीम्स सौरा में वर्ष 2023 में 5,108 मामले दर्ज किए गए, 2024 में 5,387 मामले (5.4 प्रतिशत वृद्धि) और 2025 में 5,791 मामले (7.5 प्रतिशत वृद्धि) दर्ज हुए। वहीं जी.एम.सी. जम्मू में वर्ष 2023 में 1,767 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद 2024 में 2,206 और 2025 में 2,569 मामले सामने आए। जी.एम.सी. श्रीनगर में वर्ष 2022 में 1,159 मामले दर्ज किए गए, 2023 में 1,640, 2024 में 1,659 और 2025 में 1,558 मामले दर्ज किए गए।
रोकथाम और शीघ्र पहचान के लिए कैंसर उपचार सेवाएं शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (स्कीम्स), सौरा तथा सरकारी मैडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.) जम्मू स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में मैडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेवाओं के साथ-साथ पी.ई.टी.-सी.टी., सी.टी. स्कैन, एम.आर.आई. और अन्य उन्नत जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। विशेषज्ञ ऑन्कोलॉजी सेवाएं फिलहाल जम्मू और श्रीनगर के सरकारी मैडिकल कॉलेजों में उपलब्ध हैं, जबकि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सी.एच.सी.) में ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि फेफड़े, स्तन, मुंह, गर्भाशय ग्रीवा, प्रोस्टेट और अग्न्याशय कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले प्रकार हैं।
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