Edited By Neetu Bala, Updated: 09 Apr, 2026 01:53 PM

US-Iran War के दौरान भारत में लोगों को गैस की किल्लत का सामना करना पड़ा।
जम्मू डेस्क : US-Iran War के दौरान भारत में लोगों को गैस की किल्लत का सामना करना पड़ा। हालांकि भारत सरकार द्वारा बार-बार यह आश्वासन दिया गया कि देश के पास LPG के पर्यापत भंडार हैं लेकिन इसके बावजूद लोगों के गैस एक सिलेंडर के लिए भी घंटों लाइनों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। लेकिन अमेरिका और इरान के बीच 15 दिनों के लिए सीजफायर हो गया है तो इस समझौते के चलते हालात फिर से सामान्य होने लगे हैं। बता दें कि नवी मुंबई से एक अच्छी खबर आई है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि 15,400 टन LPG (रसोई गैस) लेकर एक भारतीय जहाज सुरक्षित पोर्ट पर पहुंच गया है। यह जहाज Strait of Hormuz से होकर आया, जहां अभी Iran, United States और Israel के बीच तनाव चल रहा है।
‘ग्रीन आशा’ नाम का यह जहाज सुरक्षित पहुंचा और इसे उस जगह लगाया गया है जिसे भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन मिलकर चलाते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि जहाज के सभी लोग और पूरी गैस सुरक्षित है। यह दिखाता है कि भारत मुश्किल हालात में भी अपनी ऊर्जा सप्लाई बनाए रख सकता है। नवा शेवा पोर्ट देश के लिए बहुत जरूरी पोर्ट है, और इस जहाज के सुरक्षित पहुंचने से लोगों को राहत मिली है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here
जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here