Edited By Sunita sarangal, Updated: 20 May, 2026 11:19 AM

जानकारी के अनुसार वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रैका बंदी के जंगलों में पहुंचे जहां कंपार्टमैंट नं 66/बी पर अवैध ढंग से कब्जा किया गया है।
जम्मू(उदय): शहर के प्रसिद्ध महामाया मंदिर के साथ लगते जंगल की भूमि अवैध ढंग से बने 32 रिहायशी ढांचों को वन एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ध्वस्त कर दिया। रैका बंदी क्षेत्र की वन भूमि पर कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम पुलिस के साथ मंगलवार सुबह पहुंच हुई और लगभग 3 हैक्टेयर भूमि का अवैध कब्जे से मुक्त करवाया। उधर, जब घटना की जानकारी वन मंत्री जावेद राणा को मिली तो वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि मामले की जांच होगी और जो प्रभावित परिवारों को नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रैका बंदी के जंगलों में पहुंचे जहां कंपार्टमैंट नं 66/बी पर अवैध ढंग से कब्जा किया गया है। इस अभियान में फारैस्ट प्रोटैक्षन फोर्स, पुलिसकर्मी एवं अर्ध सैनिक बल के जवान भी मौजूद थे। जिला प्रशासन और फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया और 32 अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि लगभग 3 हैक्टेयर भूमि का अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया है। वन विभाग के डी.एफ.ओ अर्बन फारेस्ट अश्विनी मित्तल के अलावा राजस्व विभाग के अधिकारी एस.पी.साऊथ वैभव मीना, एस.पी हेक्डक्र्वाटर अना सिन्हा, एस.डी.पी.ओ ईस्ट, एस.एच.ओ बाग-ए-बाहू, छन्नी हिम्मत, गंगयाल, गांधीनगर आदि मौजूद थे।
पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया, ताकि किसी प्रकार के प्रदर्शन अथवा कानून व्यवस्था को न बिगड़ने दिया जाए और शांतिपूर्ण ढंग से अतिक्रमण हटाया गया। कुछ घरों के अंदर सामान पड़ा रहा जबकि कईयों ने अपने घरों का सामान समय रहत बाहर निकाल लिया। घटना की जानकारी मिलते ही वन मंत्री जावेद राणा मौके पर पहुंचे और प्रभावितों से बातचीत की।
मंत्री ने कहा कि 1953 से यह लोग यहां रह रहे थे और इन लोगों को बिजली, पानी का कनेकशन, राशन कार्ड, वोटर लिस्ट बनी है और अगर ड्राइव चलानी है तो कठुआ तक यह अभियान चलाया जाए। 40 लाख लोग यहां बैठे हैं और कई वर्षों से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकार्ड की जांच होगी और जिन लोगों ने यह किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, आप यहां बैठे रहें। उन्होंने कहा कि जो नुक्सान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इस बारे गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को भी चिट्ठी लिखेंगे कि जिन लोगों ने देश के लिए समय समय पर कुर्बानियां दी हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चयनित आधार पर टारगेट कार्रवाई की गई है जबकि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अलबत्ता वन विभाग के चीफ कंसरवेटर फारेस्ट वी. सेंथल कुमार ने बताया कि वन भूमि पर जो अतिक्रमण हटाया गया है उसको लेकर नोटिस जारी किए गए थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर वन विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई की गई। जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के निर्देश पर संयुक्त कमेटी बनाई गई थी जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
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