Edited By Sunita sarangal, Updated: 18 May, 2026 12:39 PM

सी.एम.ओ. राजौरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार शनिवार को शाम लगभग 4 बजे सी.एच.सी. कंडी का औचक निरीक्षण किया गया।
राजौरी(शिवम): जिला राजौरी के कंडी क्षेत्र के गांव मोहड़ा में सामने आए संदिग्ध फूड पॉइजनिंग मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कई डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और मलेरिया स्टाफ के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजौरी डॉ. एम.एल. राणा द्वारा जारी आदेशों में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है व कुछ अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सी.एम.ओ. राजौरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार शनिवार को शाम लगभग 4 बजे सी.एच.सी. कंडी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही, कर्तव्यहीनता और सेवा नियमों का उल्लंघन माना है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया गया है उनमें डा. जाहिदा कौसर, डॉ. गुलाम अहमद, मुख्तार अहमद, अब्दुल मजीद मलिक, शमीम लोन, सफदर बेगम, आशा कुमारी, जोगेश सिंह, मोहम्मद बशीर, जाविद इकबाल, जाकिर हुसैन, एजाज अहमद अर्श, संजीत तथा दीपक तलवार शामिल हैं। इन सभी को दो दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही मई माह के दो दिन के वेतन की कटौती कर राशि रेड क्रॉस फंड में जमा करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इसी क्रम में मलेरिया विभाग के चार कर्मचारियों, मोहम्मद जाकिर (मलेरिया इंस्पैक्टर), जुल्फकार अली, मोहम्मद इकबाल तथा मोहम्मद अशरफ (बेसिक हैल्थ वर्कर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि फूड प्वाइजनिंग आपदा के दौरान सभी टीमों को अलर्ट रहने और मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं पाए गए। मैडिकल ऑफिसर सी.एच.सी. कंडी, मोबाइल मेडिकल टीम तथा मलेरिया अधिकारियों की सिफारिश पर यह कार्रवाई की गई।
वहीं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर कंडी डा. विनोद भाट को भी ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि 15 और 16 मई की रात आपात स्थिति के दौरान वह अपने मुख्यालय से बिना अनुमति अनुपस्थित रहे। विभाग ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने ए.डी.सी. कोटरंका को यह गलत जानकारी दी कि उन्हें सी.एम.ओ. कार्यालय से अनुमति प्राप्त थी। सी.एम.ओ. डा. एम.एल. राणा ने इसे गंभीर कदाचार बताते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है, साथ ही ट्रेजरी ऑफिसर कोटरंका को उनके वेतन पर अगली सूचना तक रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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