Edited By Sunita sarangal, Updated: 15 Jul, 2026 10:26 AM

यह मामला एडवोकेट दीपक शर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि माता वैष्णो देवी श्राइन में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई चांदी के चढ़ावे में मिलावट हुई
जम्मू(तनवीर सिंह): जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के जिला रियासी की तहसील कटरा में श्री माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़े कथित 500 करोड़ रुपये के नकली चांदी चढ़ावे का मामला सामने आया है। इस मामले में जम्मू की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सी.जे.एम.) अदालत ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मामले की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को संबंधित रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
यह मामला एडवोकेट दीपक शर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि माता वैष्णो देवी श्राइन में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई चांदी के चढ़ावे में मिलावट हुई और उसका गलत इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता ने इस मामले में एफ.आई.आर. दर्ज करने की मांग की थी।
शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने सी.जे.एम. अदालत का रुख किया और ए.टी.आर. (एक्शन टेकन रिपोर्ट) तथा एफ.आई.आर. दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की। अदालत के आदेश पर क्राइम ब्रांच ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें बताया गया कि शिकायत को मंजूरी के लिए क्राइम हेडक्वार्टर श्रीनगर भेजा गया था और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे जोनल पुलिस हेडक्वार्टर जम्मू को भेज दिया गया।
हालांकि शिकायतकर्ता ने स्टेटस रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत शिकायत पर कार्रवाई करना क्राइम ब्रांच की कानूनी जिम्मेदारी थी। उनका कहना है कि शिकायत को दूसरी पुलिस इकाई को भेजकर जांच एजेंसी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि स्टेटस रिपोर्ट में इन्वेंट्री रजिस्टर, स्टॉक रिकॉर्ड, सी.सी.टी.वी. फुटेज और चढ़ावे से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए कदमों का कोई उल्लेख नहीं है।
शिकायत के अनुसार विवाद तब सामने आया जब करीब 20 टन चांदी के चढ़ावे, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 550 करोड़ रुपये बताई गई, को टेस्टिंग, मेल्टिंग और प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया। आरोप है कि जांच में केवल 5 से 6 प्रतिशत सामग्री ही शुद्ध चांदी पाई गई, जबकि बाकी हिस्से में कैडमियम, लोहा और अन्य धातुओं की मिलावट होने का दावा किया गया है।
फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और 29 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जांच की प्रगति और रिकॉर्ड पर आगे की कार्रवाई होगी।
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