Edited By Sunita sarangal, Updated: 07 Jul, 2026 11:11 AM

जांच की शुरुआत तब हुई जब FCS&CA विभाग, कश्मीर के निदेशक ने विभागीय जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की।
जम्मू/श्रीनगर(रितेश) : जम्मू-कश्मीर की एंटी करप्शन ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने कुपवाड़ा जिले के कर्नाह क्षेत्र में सरकारी राशन की कथित हेराफेरी और गबन के बड़े मामले का खुलासा किया। इस दौरान ब्यूरो ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (FCS&CA) विभाग के 5 अधिकारियों और 9 फेयर प्राइस शॉप (राशन डीलरों) के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की है।
आरोप है कि सरकारी खाद्यान्न की हेरा-फेरी से सरकार को 5.57 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया है। एंटी क्रप्शन ब्यूरो के अनुसार, एफ.आई.आर. नंबर 02/2026 पुलिस स्टेशन ए.सी.बी. बारामूला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) और भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है।
जांच की शुरुआत तब हुई जब FCS&CA विभाग, कश्मीर के निदेशक ने विभागीय जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की। विभागीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के दौरान कर्नाह के सरकारी बिक्री केंद्रों और राशन की दुकानों में सरकारी खाद्यान्न की भारी कमी पाई गई।
ए.सी.बी. ने बताया कि सबसे पहले लौंथा ग्रेनरी में संयुक्त औचक निरीक्षण के दौरान 4,175.89 क्विंटल चावल कम पाया गया। इसके बाद विभागीय समिति और ए.सी.बी. की स्वतंत्र जांच में टंगधार, कर्नाह-ए और कर्नाह-बी क्षेत्रों के सरकारी बिक्री केंद्रों और राशन की दुकानों में भी बड़े पैमाने पर सरकारी राशन की कमी सामने आई। जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे मामले से सरकारी खजाने को 5,57,18,657.25 रुपए का नुकसान हुआ है।
एफ.आई.आर. में नामजद आरोपियों में तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर उमर बशीर उर्फ राजा उमर, अशिक हुसैन मीर समेत कुल 14 आरोपी शामिल हैं, जिनमें FCS&CA विभाग के अधिकारी और राशन डीलर शामिल हैं। सभी आरोपियों पर सरकारी राशन के गबन, आपराधिक विश्वासघात, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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