Edited By Kalash, Updated: 13 Oct, 2026 04:47 PM

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी ने साफ किया है कि शुक्रवार (जुमा) के खुतबों के लिए आम थीम से जुड़ी प्रस्तावित पहल को मुफ्तियों, इमामों और खतीबों वाली एक कोर कमेटी संभालेगी, और वक्फ बोर्ड के अधिकारी धार्मिक टॉपिक तय...
श्रीनगर (मीर आफताब): जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी ने साफ किया है कि शुक्रवार (जुमा) के खुतबों के लिए आम थीम से जुड़ी प्रस्तावित पहल को मुफ्तियों, इमामों और खतीबों वाली एक कोर कमेटी संभालेगी, और वक्फ बोर्ड के अधिकारी धार्मिक टॉपिक तय नहीं करेंगे।
प्रस्तावित कमेटी धार्मिक और सामाजिक महत्व के उन मुद्दों की पहचान करेगी जिन्हें शुक्रवार के खुतबों के दौरान हाईलाइट किया जा सकता है, जिसमें ड्रग्स का गलत इस्तेमाल, नैतिक मूल्य, सामाजिक सद्भाव, एकता और समुदाय की दूसरी चिंताएं शामिल हैं। डॉ. अंद्राबी ने कहा है कि इस पहल का मकसद धार्मिक विद्वानों के बीच तालमेल को मजबूत करना और समाज में अच्छे संदेशों को बढ़ावा देना है।
यह सफाई प्रस्ताव की आलोचना के बीच आई है। मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (MMU) ने किसी एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी द्वारा शुक्रवार के खुतबों को तय करने या रेगुलेट करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया है, जबकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस कदम की आलोचना की है। डॉ. अंद्राबी ने कहा है कि चेयरपर्सन या वक्फ अधिकारी नहीं धार्मिक विद्वानों की कमेटी तय करेगी कि किन विषयों पर बात की जाएगी।
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