Edited By Neetu Bala, Updated: 05 Oct, 2026 03:08 PM

इस मौके पर सिख समुदाय के कई सदस्यों ,युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया और पंजाबी भाषा को मान्यता देने और बढ़ावा देने के समर्थन में नारे लगाए।
नौशहरा ( शिवम ) : जम्मू और कश्मीर की आधिकारिक भाषा के रूप में पंजाबी को शामिल करने की मांग को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कनारा, नोनियाल की अध्यक्षता में स्थानीय सिख समुदाय के सदस्यों द्वारा तहसीलदार नौशहरा को ज्ञापन सौंपा है और जल्द से जल्द सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पंजाबी भाषा को लागू करने की मांग की है। इस मौके पर सिख समुदाय के कई सदस्यों ,युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया और पंजाबी भाषा को मान्यता देने और बढ़ावा देने के समर्थन में नारे लगाए।
इस मौके पर बोलते हुए सिख समुदाय के लोगों ने कहा हमारी मांग है कि जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषा के ढांचे में पंजाबी को भी शामिल किया जाए। हम इस मुद्दे को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से आगे बढ़ाते रहेंगे।
आज हर स्थान पर पंजाबी भाषा का उपयोग किया जाता है, हर स्थान पर शादी समारोहों में पंजाबी गीत बोलते ओर सुने जाते हैं, फिर भी पंजाबी भाषा को अनदेखा किया गया और सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा पर रोक लगाई गई है। हम देश की केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर की सरकार से मांग करते हैं जल्द से जल्द सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा को लागू किया जाए।
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