Edited By Sunita sarangal, Updated: 13 Oct, 2026 02:34 PM

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दरहाल क्षेत्र में दरहाली नदी के बीच स्थित एक कठोर चट्टान पर उकेरी गईं हिंदू देवी-देवताओं की आकृतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
राजौरी(शिवम बक्शी): जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दरहाल क्षेत्र में दरहाली नदी के बीच स्थित एक कठोर चट्टान पर उकेरी गईं हिंदू देवी-देवताओं की आकृतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। नदी के पानी में डूबी रहने वाली इन आकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दरहाली नदी के बीच स्थित चट्टान पर देवी-देवताओं जैसी आकृतियां उकेरी गई हैं। नदी में पानी के स्तर के अनुसार ये आकृतियां आंशिक या पूरी तरह पानी में डूबी रह सकती हैं। चट्टान पर दिखाई देने वाली इन आकृतियों को लेकर स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और आगंतुकों में उत्सुकता बनी हुई है।
नदी के बीच चट्टान पर उकेरी गई इन आकृतियों ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। लोग इनके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और इनके संभावित ऐतिहासिक महत्व को जानने के इच्छुक हैं।
हालांकि, इन आकृतियों की वास्तविक प्राचीनता, निर्माण काल और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की अभी तक किसी आधिकारिक पुरातात्विक जांच से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विशेषज्ञों द्वारा इनका अध्ययन किया जाना आवश्यक है, ताकि इनके स्वरूप, उत्पत्ति और संभावित ऐतिहासिक महत्व के बारे में प्रमाणिक जानकारी सामने आ सके।
यदि संबंधित पुरातत्व एवं विरासत विभाग इस स्थल का निरीक्षण कर इसका दस्तावेजीकरण करे, तो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही, नदी के बहाव और प्राकृतिक कटाव से चट्टान पर बनी आकृतियों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए उचित कदम उठाए जा सकते हैं।
दरहाल क्षेत्र में सामने आई इन आकृतियों ने एक बार फिर राजौरी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस स्थल का अध्ययन कर इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में क्या जानकारी सामने लाते हैं।
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