Edited By Neetu Bala, Updated: 21 Jan, 2026 04:25 PM

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आरोपों को सिरे से नकार दिया।
श्रीनगर : नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा देश के हित में काम किया है। फारूक अब्दुल्ला ने साफ कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश के लिए गोलियां तक खाई हैं और अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी देश के लिए कुर्बानी देने को तैयार हैं।
आतंकवाद के आरोपों पर जवाब
BJP द्वारा लगाए गए पत्थरबाजी और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों पर पलटवार करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी हिंसा या अशांति के साथ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वे उन लोगों में से नहीं हैं जो हालात खराब करना चाहते हैं। पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि BJP के बड़े नेताओं के बयान सच्चाई से बिल्कुल अलग हैं।
जम्मू-कश्मीर को बांटने की मांग पर नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को और हिस्सों में बांटने की मांग को बेवकूफी भरा और गलत बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राज्य को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख को 2019 में अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, लेकिन वहां के लोग इस फैसले से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि एक दिन लद्दाख फिर से जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनेगा।
'डिक्सन प्लान' की आलोचना
पीर पंजाल और चिनाब घाटी के लिए अलग-अलग डिवीजन बनाने की मांगों की आलोचना करते हुए, अब्दुल्ला ने इसे 'डिक्सन प्लान' का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव UN के प्रतिनिधि सर ओवेन डिक्सन ने सितंबर 1950 में दिया था, जिसका मकसद चिनाब नदी के आधार पर राज्य को बांटना था। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री वाई. एस. परमार ने भी ऐसे किसी भी बंटवारे का कड़ा विरोध किया था।
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