Edited By Neetu Bala, Updated: 06 Mar, 2026 06:14 PM

2001 से लेकर 2012 तक डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान रहे हैं
जम्मू ( तनवीर सिंह ) : जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के श्रीनगर की एक स्थानीय माननीय अदालत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) में करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में करोड़ों के घोटाले के मामले में श्रीनगर की स्थानीय अदालत ने नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला व अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने और आपराधिक विश्वासघात का मामला बनता है।
जम्मू-कश्मीर BJP के प्रेसिडेंट और राज्यसभा मेंबर सत शर्मा ने JKCA स्कैम में NC प्रेसिडेंट डॉ. फारूक अब्दुल्ला समेत कुछ लोगों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने के कोर्ट के निर्देश पर अपना जवाब दिया है। शर्मा ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और उनकी पार्टी को उम्मीद है कि JKCA स्कैम में जिसने भी करप्शन किया है, उसे सख्त सज़ा मिलेगी। सत शर्मा ने कहा कि 2012 में उनकी पार्टी के लीडर ने यह मुद्दा उठाया था और इस स्कैम को लेकर भूख हड़ताल भी की थी। 2001 से लेकर 2012 तक उनके अध्यक्ष रहते जम्मू कश्मीर रणजी ट्रॉफी कभी भी नहीं जीत पाया इससे साफ जाहिर होता है कि उसे समय खिलाड़ियों को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी जम्मू व कश्मीर में हमेशा से ही भेदभाव किया गया लेकिन अब कश्मीर व जम्मू के खिलाड़ियों ने मिलकर रणजी ट्रॉफी को अपने नाम किया है जो फंड बीसीसीआई की तरफ से दिया गया था उसमें बड़े पैमाने धांधली नजर आई यानी 44 करोड़ का हेर-फेर फिर किया गया सत शर्मा ने कहा कि कानून अपना काम करेगा।
2001 से लेकर 2012 तक डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान रहे हैं और इस समय तक बीसीसीआई की तरफ से 112 करोड़ रुपए जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को दिए गए और उसी में से लगभग 43. 69 करोड़ का जेकेसीए के खातों में हेर फेर नजर आया था।
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