Edited By Neetu Bala, Updated: 19 Feb, 2026 05:40 PM

देश में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और अब छोटे शहरों में भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग बढ़ गया है।
जम्मू डेस्क : देश में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और अब छोटे शहरों में भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग बढ़ गया है। इसी को देखते हुए आयकर विभाग ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स नियम 2026 जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं।
नए प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति एक साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल ऑनलाइन (UPI, बैंक ट्रांसफर, चेक) से भरता है, तो बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देगा। वहीं 1 लाख रुपए या उससे ज्यादा नकद भुगतान पर भी रिपोर्ट करना जरूरी होगा। अब पैन कार्ड बनवाने के लिए तीन महीने से पुराना न होने वाला क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट एड्रेस प्रूफ के रूप में मान्य होगा।
सरकार ने टैक्स भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग को आधिकारिक डिजिटल माध्यम के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भुगतान आसान होगा। अगर कंपनी कर्मचारी को क्रेडिट कार्ड देती है और उसका खर्च उठाती है, तो उसे टैक्स योग्य आय माना जाएगा। लेकिन यदि खर्च ऑफिस के काम से जुड़ा है, तो टैक्स नहीं लगेगा।
साथ ही, बिना PAN के नया क्रेडिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इन नियमों का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और बड़े लेन-देन पर निगरानी मजबूत करना है।
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