Edited By VANSH Sharma, Updated: 15 Feb, 2026 04:44 PM

तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर अब नौकरी के बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है।
जम्मू-कश्मीर डेस्क: तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर अब नौकरी के बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर करियर की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।
इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) की ‘AI एंड जॉब्स’ रिपोर्ट के मुताबिक करीब 63 प्रतिशत कंपनियां अब ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिनके पास डेटा से जुड़ी स्किल्स या AI का अनुभव है। इसके कारण पारंपरिक डिग्री का महत्व धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर एंट्री-लेवल नौकरियों पर पड़ा है। पहले जहां फ्रेशर्स के लिए ज्यादा अवसर होते थे, अब कंपनियां अनुभवी या विशेष कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को ज्यादा मौका दे रही हैं। हालांकि मिडिल और सीनियर लेवल की भर्तियों में अभी ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है।
इसके अलावा सॉफ्टवेयर डेवलपर और डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पदों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे साफ है कि नई तकनीक सीखने वाले युवाओं के लिए मौके अभी भी मौजूद हैं, लेकिन सामान्य कौशल रखने वालों को नौकरी पाने में कठिनाई हो सकती है।
नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच देश के 10 बड़े शहरों की 650 आईटी कंपनियों पर किए गए इस अध्ययन में यह भी सामने आया कि AI के इस्तेमाल से कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ी है, लेकिन भर्ती करने का तरीका बदल गया है। आधे से ज्यादा कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI से जुड़ी ट्रेनिंग दे रही हैं, लेकिन बहुत कम कंपनियों ने पिछले साल अपने आधे से ज्यादा कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं कर रहा है, बल्कि काम करने का तरीका बदल रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए जरूरी है कि वे लगातार नई स्किल्स सीखते रहें और खुद को समय के साथ अपडेट करें। यही सफलता की कुंजी होगी।
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