Edited By Neetu Bala, Updated: 06 Feb, 2026 03:54 PM
जम्मू डेस्क : जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का बजट सेशन का आज 5वां दिन है। आज मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर का बजट पेश किया। बता दें कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर का बजट पेश किया था, आज उन्होंने अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश किया। गौरतलब है कि धारा 370 हटने के बाद आज सदन में दूसरा बजट पेश किया गया।बजट में प्रदेश के लिए 1,13,767 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें 23,000 से ज्यादा नई नौकरियां और अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना शामिल है।
बजट में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं जो इस प्रकार है: -
1. शिक्षा और युवा विकास
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए 257 करोड़ का बजट।
माइक्रो इरीगेशन उपकरण पर 25% अनुदान।
554 स्कूलों में बच्चों को हुनर और रोजगार प्रशिक्षण।
594 नए शिक्षक पदों पर भर्ती।
2. दिव्यांग और शरणार्थियों के लिए योजनाएं
दिव्यांगों को मुफ्त बस सेवा।
पीओके शरणार्थियों और गरीब परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं।
अंत्योदय योजना के तहत 6 मुफ्त एलपीजी सिलिंडर।
3. स्वास्थ्य और पुनर्वास पर जोर
IVF और NICU जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर ध्यान।
4. महिला, आपदा और बुनियादी ढांचा
महिलाओं के लिए ई-बसों में मुफ्त यात्रा।
बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता।
5 नए हाइवे प्रोजेक्ट और आपदा प्रबंधन के लिए योजनाएं।
6. किसान, गरीब और आदिवासी कल्याण
किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजना।
7 लाख से ज्यादा घर बेघरों के लिए।
आदिवासी कल्याण, नए अस्पताल, कैंसर इलाज और कृषि-बागवानी के लिए निवेश।
8. प्रवासी परिवारों के लिए मकान और हॉस्टल
2026 तक 1,200 नए मकान तैयार होंगे।
कुल 6,000 मकानों का लक्ष्य।
9. स्वास्थ्य सुधार
उन्नत जांच मशीनें बढ़ाई जाएंगी ताकि इलाज गांव और दूरदराज में उपलब्ध हो।
मोबाइल अस्पताल गाड़ियां बढ़ाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बजट वेज़ एंड मीन्स एडवांस और ओवरड्राफ्ट को शामिल किए बिना तैयार किया गया है।
बजट के अनुसार,
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80,640 करोड़ रुपये रोजमर्रा के खर्च (रेवेन्यू खर्च) के लिए रखे गए हैं।
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33,127 करोड़ रुपये विकास कार्यों और पूंजीगत खर्च (कैपिटल खर्च) के लिए तय किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026–27 में
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90,018 करोड़ रुपये की आमदनी रेवेन्यू से होगी,
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जबकि 23,749 करोड़ रुपये कैपिटल रिसीट से मिलने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि टैक्स और नॉन-टैक्स के जरिए जम्मू-कश्मीर की अपनी कमाई 31,800 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा, केंद्र सरकार से
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42,752 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता के रूप में
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और 13,400 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के तहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट का उद्देश्य प्रदेश के विकास को गति देना, वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और आम लोगों की जरूरतों को पूरा करना है।
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