Edited By Neetu Bala, Updated: 26 Oct, 2026 07:37 PM
जिले के बथूनी इलाके में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है।
राजौरी ( अमित शर्मा ) : जिले के बथूनी इलाके में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है। रविवार को क्षेत्र की तीन पंचायतों के लोगों ने एकत्रित होकर बैठक की और इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। बैठक में लोगों ने कहा कि वे अपने इलाके में डंपिंग यार्ड बनाए जाने के पक्ष में नहीं हैं और इस संबंध में प्रशासन के समक्ष अपनी मांग उठाते रहेंगे।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रस्तावित स्थल के आसपास आबादी मौजूद है और इलाके में एक धार्मिक स्थल भी है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि यहां कचरा डंप करने की व्यवस्था बनाई जाती है, तो इससे आसपास के वातावरण, स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजौरी शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए ग्रामीण क्षेत्र को ही क्यों चुना जा रहा है।
लोगों का कहना है कि किसी भी स्थान पर डंपिंग यार्ड बनाने से पहले वहां की भौगोलिक स्थिति, आसपास की आबादी, धार्मिक स्थलों, पर्यावरण और संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का उचित आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्थानीय लोगों की आपत्तियों को सुने बिना इस दिशा में कोई कदम न उठाया जाए।

राजौरी में कचरा प्रबंधन लंबे समय से चिंता का विषय
स्थानीय लोगों ने कहा कि राजौरी शहर में कचरे को खुले में फेंकने, नदी-नालों के आसपास डंप करने और जलाने की समस्या को लेकर पिछले कई वर्षों से आवाज उठाई जाती रही है। उनके अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन और शिकायतें की गईं, लेकिन कचरे के स्थायी एवं वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं।
लोगों का आरोप है कि शहर के कचरे के निस्तारण के लिए अब बथूनी क्षेत्र में डंपिंग यार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान इस तरह किया जाना चाहिए, जिससे किसी अन्य क्षेत्र के निवासियों को प्रदूषण या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
धनोर में भी सामने आया था विरोध
स्थानीय लोगों ने धनोर क्षेत्र में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय के नजदीक डंपिंग यार्ड बनाने की पूर्व में सामने आई योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, उस समय स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था और मामला न्यायालय तक पहुंचा था। अब बथूनी में प्रस्तावित स्थल को लेकर भी इसी तरह की चिंताएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, धनोर से संबंधित मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति और बथूनी में प्रस्तावित स्थल की आधिकारिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
प्रशासन को पहले भी अवगत कराने का दावा
बथूनी के लोगों ने दावा किया कि डंपिंग यार्ड को लेकर अपनी आपत्तियों से उन्होंने जिला उपायुक्त राजौरी और तहसीलदार को भी अवगत कराया है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण कर लोगों की चिंताओं को सुना जाए और प्रस्तावित स्थल के संबंध में तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए।
बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और डंपिंग यार्ड बनाने की दिशा में आगे कार्रवाई हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं। बैठक में आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
बथूनी में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बाद अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर राजौरी शहर में कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित स्थल के आसपास रहने वाले लोगों की चिंताओं का समाधान भी जरूरी है।
फिलहाल, प्रस्तावित डंपिंग यार्ड की आधिकारिक मंजूरी, स्थल चयन के आधार, पर्यावरणीय आकलन और प्रशासन के निर्णय से संबंधित जानकारी सामने आना बाकी है। इस मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर क्या कदम उठाता है और राजौरी के कचरा प्रबंधन के लिए कौन-सा स्थायी एवं पर्यावरण के अनुकूल समाधान अपनाया जाता है।
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