GMC Rajouri आने वाले मरीज ध्यान दें, डॉक्टरों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Edited By Sunita sarangal, Updated: 20 Oct, 2026 02:28 PM

strike at gmc rajouri

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने के मामले को 30 दिनों के भीतर अंतिम रूप देने का लिखित आश्वासन दिया गया था...

राजौरी(शिवम बक्शी): राजौरी स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.) के इंटर्न डॉक्टरों ने मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार रात कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज करवाया। वहीं, मंगलवार से इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड 12,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एम.बी.बी.एस. और बी.डी.एस. इंटर्न डॉक्टर भी स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने के मामले को 30 दिनों के भीतर अंतिम रूप देने का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया। इससे इंटर्न डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, सरकार के अभिलेखों में 4 और 9 सितंबर, को इस मामले को 30 दिनों के भीतर अंतिम रूप देने का उल्लेख किया गया था। उनका कहना है कि तय समय बीत जाने के बाद भी स्टाइपेंड बढ़ोतरी का आदेश जारी नहीं हुआ। इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सरकार के वादे को लागू करने के लिए औपचारिक आदेश चाहते हैं।

इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांग के समर्थन में तख्तियां लेकर विरोध जताया और संबंधित अधिकारियों से मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि मरीजों की देखभाल और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है।

स्टाइपेंड बढ़ोतरी का आधिकारिक आदेश जारी होने तक इंटर्न डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। अखिल भारतीय चिकित्सा छात्र संघ (ए.आई.एम.एस.ए.) के प्रतिनिधि के अनुसार, सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नागरिक सचिवालय में वित्त विभाग के बजट महानिदेशक और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के विशेष कार्य अधिकारी से मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया था। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल को आदेश जारी होने की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं मिली।

इंटर्न डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है तथा भूख हड़ताल जैसे कदम पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन को पूरा करने और स्टाइपेंड बढ़ोतरी का औपचारिक आदेश जारी कर लंबे समय से लंबित मामले का समाधान करने की मांग की है।

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