Rajouri का Hospital सवालों के घेरे में, मरीज को Expired दवाई देने के लगे आरोप

Edited By Sunita sarangal, Updated: 22 Oct, 2026 05:26 PM

nowshera hospital give patient expired eye drops

सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, आंखों की समस्या को लेकर मरीज पहले अस्पताल के डेंटल सेक्शन पहुंचा।

नौशहरा(अमित): नौशहरा अस्पताल से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें आंखों की समस्या से परेशान एक वयस्क मरीज को पहले डेंटल सेक्शन में भेजे जाने और वहां से दवा दिए जाने के बाद उसकी परेशानी बढ़ने का आरोप लगाया गया है। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों को उचित विभाग में उपचार उपलब्ध कराने और दवाइयों की जांच व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, आंखों की समस्या को लेकर मरीज पहले अस्पताल के डेंटल सेक्शन पहुंचा। वहां मरीज को आंखों में डालने के लिए दवा दी गई। आरोप है कि दवा डालने के बाद मरीज की आंखों की परेशानी बढ़ गई। इसके बाद मरीज को चाइल्ड स्पेशलिस्ट के पास जाने की सलाह दी गई। हालांकि, मरीज के वयस्क होने की जानकारी सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि उसे किस आधार पर संबंधित विशेषज्ञ के पास भेजा गया।

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल दवा की एक्सपायरी और मरीज को उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर है। आरोप है कि मरीज को दी गई दवा एक्सपायरी थी। यदि दवा वास्तव में एक्सपायरी थी, तो यह जांच का विषय है कि दवा देने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट की जांच की गई थी या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि दवा किस कर्मचारी या चिकित्सक द्वारा दी गई और मरीज को आंखों के उपचार के लिए डेंटल सेक्शन में क्यों भेजा गया।

आंखों से संबंधित समस्याओं के लिए उचित चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मरीज को किस विभाग में भेजा गया, दवा किस आधार पर दी गई और दवा डालने के बाद परेशानी बढ़ने की शिकायत पर क्या कदम उठाए गए।

मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। जांच में मरीज की उपचार संबंधी पर्ची, दी गई दवा का नाम और उसकी एक्सपायरी डेट, संबंधित चिकित्सक या कर्मचारी की भूमिका तथा मरीज को आगे भेजने की प्रक्रिया की समीक्षा की जानी चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

नौशहरा अस्पताल में सामने आए इस मामले ने मरीजों को सुरक्षित और उचित उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद मरीज को दवा देने तथा उपचार की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को किस प्रकार स्पष्ट किया जाता है।

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