Edited By Sunita sarangal, Updated: 22 Oct, 2026 02:38 PM

पत्रकार वार्ता के दौरान अफ्ताब अहमद, नरेश शर्मा, अजीत सिंह सहित अन्य शिक्षक सदस्य उपस्थित रहे।
राजौरी(शिवम बक्शी): पी.एम. पोषण योजना के तहत मिलने वाली राशि को जल्द जारी करने और राशन सामग्री की खरीद के लिए जी.एस.टी. बिल तथा जेम पोर्टल से खरीदारी की अनिवार्यता में व्यावहारिक राहत देने की मांग को लेकर शिक्षक प्रतिनिधियों ने वीरवार को राजौरी में आवाज उठाई है। इस संबंध में शिक्षक प्रतिनिधियों ने पत्रकार वार्ता कर संबंधित अधिकारियों से मौजूदा व्यवस्था पर दोबारा विचार करने और स्कूलों को पेश आ रही समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
पत्रकार वार्ता के दौरान अफ्ताब अहमद, नरेश शर्मा, अजीत सिंह सहित अन्य शिक्षक सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के लिए पीएम पोषण योजना के तहत राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद करना कई बार मुश्किल हो जाता है। इन क्षेत्रों में स्कूलों के आसपास उपलब्ध छोटी दुकानें सीमित व्यवसाय करती हैं और उनमें से कई दुकानदारों के पास जीएसटी पंजीकरण नहीं है। इसके अलावा, कई दुकानदार जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी की प्रक्रिया से भी जुड़े नहीं हैं।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने बताया कि दूरदराज के स्कूलों के आसपास बड़ी दुकानें या जेम पोर्टल से जुड़े आपूर्तिकर्ता आसानी से उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में स्कूलों को स्थानीय दुकानों से राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री खरीदनी पड़ती है। लेकिन जब भुगतान के लिए बिल कोषागार में जमा करवाए जाते हैं, तो कई बार जीएसटी बिल प्रस्तुत करने या जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन छोटे दुकानदारों के पास जी.एस.टी. नंबर ही नहीं है और जो जेम पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, उनसे इस प्रकार के बिल उपलब्ध करवाना व्यावहारिक रूप से कैसे संभव हो सकता है। इससे स्कूलों के कामकाज और योजना के तहत होने वाली खरीदारी में कठिनाइयां पैदा होती हैं।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग और अधिकारियों से मांग की कि दूरदराज के स्कूलों की भौगोलिक स्थिति तथा स्थानीय बाजारों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने वाले स्कूलों के लिए ऐसी व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे आवश्यक सामग्री की खरीद और उसके भुगतान में अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने पी.एम. पोषण योजना के तहत लंबित राशि को जल्द जारी करने के साथ-साथ भविष्य में भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की भी मांग की। शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना था कि समय पर धनराशि उपलब्ध होने से स्कूलों को योजना के संचालन और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में सुविधा मिलेगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जी.एस.टी. बिल और जेम पोर्टल से जुड़ी शर्तों पर पुनर्विचार करने तथा स्कूलों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की।
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