Edited By Neetu Bala, Updated: 20 Jun, 2026 04:06 PM

पंडितों का कहना था कि वह हर वर्ष माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि उनके घर वापसी हो सके और उनका सपना है कि वह अगले वर्ष अपने घरों से ही माता रानी के दर्शनों के लिए जाएं।
जम्मू ( तनवीर सिंह ) : मेला खीर भवानी कश्मीरी पंडितों का सबसे बड़ा और पवित्र वार्षिक उत्सव है, जो जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुल्ला गांव में देवी रागन्या (माता खीर भवानी) को समर्पित है। यह आयोजन हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसी के चलते शनिवार को जम्मू जगती के साथ-साथ ऊधमपुर से भी कश्मीरी पंडितों का जत्थे यात्रा के लिए रवाना हुए। नगरोटा से विधानसभा की भारतीय जनता पार्टी की विधायक Deewani Rana ने 9000 श्रद्धालुओं को लेकर जाने वाली 200 बसों को इस मेले के लिए हरी झंडी दी। इस समय जम्मू-कश्मीर पुलिस के DIG Shridhar Patil भी उपस्थित रहे।
ऊधमपुर से भी दो सरकारी बसों में 50 के करीब कश्मीरी पंडित यात्रा के लिए रवाना हुए, जिसमें महिलाएं व पुरूष शामिल रहे। वहीं नौजवानों में काफी उत्साह देखने को मिला। पंडितों का कहना था कि वह हर वर्ष माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि उनके घर वापसी हो सके और उनका सपना है कि वह अगले वर्ष अपने घरों से ही माता रानी के दर्शनों के लिए जाएं।

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