Edited By Neetu Bala, Updated: 13 Aug, 2026 06:43 PM

उन्होंने सवाल किया कि अधिकारियों ने अभी तक यह क्यों पता नहीं लगाया कि धमकी किसने दी और यह कहाँ से आई।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस से पहले कश्मीरी पंडितों को मिली कथित धमकी से जुड़े हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने इसके स्रोत की जांच की मांग की और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले की समीक्षा करने को कहा।
पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था उपराज्यपाल के अधीन है। उन्होंने सवाल किया कि अधिकारियों ने अभी तक यह क्यों पता नहीं लगाया कि धमकी किसने दी और यह कहाँ से आई।
अब्दुल्ला ने धमकी की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यहाँ कुछ तो गड़बड़ है" (उन्होंने "दाल में कुछ काला है" मुहावरे का इस्तेमाल किया)।
उन्होंने कहा कि धमकी से जुड़े हालात की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति या समूह की पहचान की जानी चाहिए।
अब्दुल्ला ने कहा, "सुरक्षा उपराज्यपाल के अधीन है। यह पता लगाया जाना चाहिए कि ये धमकियाँ कहाँ से आईं और किसने दीं।"
अब्दुल्ला ने कहा कि वह इस घटनाक्रम से हैरान हैं और उन्होंने सुरक्षा के मुद्दे को केवल कश्मीरी पंडित समुदाय के नज़रिए से न देखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, "मैं इसे लेकर हैरान हूँ। घाटी में सिर्फ़ पंडित ही नहीं, बल्कि दूसरे लोग भी रहते हैं।"
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले को देखने का आग्रह किया और कहा कि धमकी के पीछे के हालात का सही ढंग से पता लगाया जाना चाहिए।
उनकी यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के रहने वाले इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यह कदम एक कथित धमकी भरे पत्र के सामने आने के बाद उठाया गया, जिसमें समुदाय के सदस्यों के नाम और उनके टेलीफोन नंबर थे। एहतियात के तौर पर कुछ पंडित कर्मचारियों को कुछ समय के लिए घर से काम करने की अनुमति दी गई थी।
यह कथित धमकी 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले सामने आई है, जब पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।
अब्दुल्ला की टिप्पणी न केवल उस कथित पत्र में उल्लिखित लोगों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है, बल्कि इसकी प्रमाणिकता, स्रोत और मकसद का पता लगाने पर भी ज़ोर देती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से इसकी जांच की मांग की है।
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