Edited By Sunita sarangal, Updated: 12 Aug, 2026 11:25 AM
सिन्हा ने कहा कि 2022 में शुरू किए गए हर घर तिरंगा कैंपेन का मकसद हर भारतीय में राष्ट्रीय झंडे के प्रति सम्मान, इमोशनल जुड़ाव और अपनेपन की भावना को फिर से जगाना है।
श्रीनगर(मीर आफताब): जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने बुधवार को जम्मू और कश्मीर के लोगों से देशभक्ति, एकता और देश सेवा की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा कैंपेन राष्ट्रीय चेतना का एक जन आंदोलन बन गया है और इसे मातृभूमि के लिए प्यार की एक स्थायी परंपरा बननी चाहिए।
श्रीनगर के बॉटनिकल गार्डन में तिरंगा महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए, LG सिन्हा ने कहा कि जम्मू और कश्मीर को वंदे मातरम कैंपेन के अगले चरण में देश का नेतृत्व करते रहना चाहिए। साथ ही नागरिकों से इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए और कड़ी मेहनत करने की अपील की।
सिन्हा ने कहा कि 2022 में शुरू किए गए हर घर तिरंगा कैंपेन का मकसद हर भारतीय में राष्ट्रीय झंडे के प्रति सम्मान, इमोशनल जुड़ाव और अपनेपन की भावना को फिर से जगाना है। उन्होंने कहा कि जब लाखों घरों में तिरंगा लहराता है, तो सिर्फ झंडा ही नहीं लहराता, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के दिल भी उसी भावना, विश्वास और इरादे से जुड़ जाते हैं।
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह पर भी जोर दिया और कहा कि यह गीत देश की आत्मा की अमर आवाज को दिखाता है, जो आज़ादी की लड़ाई के दौरान राष्ट्रीय चेतना, हिम्मत, आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान जगाने में इसकी भूमिका को याद करता है। उन्होंने वंदे मातरम कैंपेन में हिस्सा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी और कहा कि उनकी कोशिशें पूरे देश के लिए प्रेरणा का ज़रिया बन गई हैं।
सिन्हा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं और नागरिकों ने साथ ही वंदे मातरम कैंपेन से जुड़े सभी लोगों ने जम्मू-कश्मीर को देश में सबसे अच्छा बनाने में मदद की है। उन्होंने लोगों से यह पक्का करने की अपील की कि UT अगले फेज में भी नंबर वन बना रहे।
उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को सिर्फ नंबरों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि जम्मू-कश्मीर में बहने वाली “अटूट राष्ट्रीय चेतना” के एक्सप्रेशन के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों ने दुनिया को यह मैसेज दिया है कि जम्मू-कश्मीर हिम्मत, पक्के इरादे और भारत की मातृभूमि के प्रति समर्पण की धरती है।
बांदीपोरा, बारामूला, पुलवामा, पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़, जम्मू और श्रीनगर समेत जिलों की भागीदारी का जिक्र करते हुए सिन्हा ने कहा कि वंदे मातरम के सपोर्ट में उनकी सामूहिक भागीदारी देश की बढ़ती भावना को दिखाती है।
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि हर घर तिरंगा और वंदे मातरम को नागरिकों को स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए कुर्बानी देने वाले सैनिकों के सपनों का भारत बनाने में योगदान देने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पुरखों ने अपने खून, पसीने और आंसुओं से देश की रक्षा की, तो यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपने चरित्र, ईमानदारी, लगन, एकता और सेवा से इसकी रक्षा करें।
सिन्हा ने चल रहे कैंपेन को दो नेशनल पहल से ज्यादा बताया, उन्हें “एक नए युग की घोषणा” और एक नए जम्मू-कश्मीर का प्रतीक बताया जो आत्मविश्वास से भरा, विकास पर ध्यान देने वाला और मज़बूती से भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने लोगों से यह वादा करने की अपील की कि तिरंगा सिर्फ जम्मू-कश्मीर की छतों पर ही नहीं, बल्कि उनके विचारों, चरित्र और कामों में भी ऊंचा रहना चाहिए।
उन्होंने आगे हर काम, फैसले और जिम्मेदारी में वंदे मातरम की भावना को अपनाने की अपील की और कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान का सम्मान एक खुशहाल, सुरक्षित, न्यायपूर्ण देश बनाकर किया जाना चाहिए जो सभी नागरिकों को समान अवसर दे।
सिन्हा ने एक ऐसे जम्मू-कश्मीर को बनाने के लिए मिलकर कोशिश करने की भी अपील की जो आर्थिक रूप से मज़बूत हो और भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों पर गर्व करे।
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