Edited By VANSH Sharma, Updated: 19 Feb, 2026 05:27 PM

रमजान के दौरान कथित “गुप्त फंडिंग” पर रोक लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
जम्मू (तनवीर सिंह): रमजान के दौरान कथित “गुप्त फंडिंग” पर रोक लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने बहु-स्तरीय निगरानी तंत्र (मल्टी-लेयर मॉनिटरिंग मैकेनिज्म) लागू कर दिया है, जिसके तहत जिला प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे महीने हाई अलर्ट पर रहेंगी।
जानकारी के अनुसार, किश्तवाड़ के जिला मजिस्ट्रेट ने रमजान के दौरान चंदा संग्रह को नियंत्रित करने के लिए एक नियामक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत फील्ड अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, चंदा एकत्र करने वालों की पहचान और वैधता की जांच की जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम फंड के संभावित दुरुपयोग और किसी भी प्रकार की विध्वंसक गतिविधियों के लिए धन के डायवर्जन को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि धार्मिक चैरिटी के नाम पर अवैध वित्तीय नेटवर्क सक्रिय न हो सकें।
आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या संगठन चाहे वह एनजीओ, ट्रस्ट या सोसायटी हो बिना वैध पंजीकरण और पूर्व अनुमति के चंदा एकत्र नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। संदिग्ध या फर्जी चंदा मांगने की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर (9484217492, 01995-259555, 9906154100) जारी किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) किश्तवाड़ को विशेष रूप से “क्लैंडेस्टाइन फंडरेजिंग” में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह के कदम आगे भी जारी रहेंगे।
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