Edited By Neetu Bala, Updated: 12 Feb, 2026 01:32 PM

उमर अब्दुल्ला की सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अगले चार सालों में प्राइवेट सेक्टर में 50,000 नौकरियां पैदा करने का टारगेट रखा है।
जम्मू ( उदय ) : उमर अब्दुल्ला की सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अगले चार सालों में प्राइवेट सेक्टर में 50,000 नौकरियां पैदा करने का टारगेट रखा है। सीनियर नेता सतीश शर्मा ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने सरकार का फोकस रोजगार और आर्थिक सुधार पर दोहराया। जम्मू में असेंबली के बाहर रिपोर्टरों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देकर और बिजनेस इकोसिस्टम को बेहतर बनाकर प्राइवेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाने के लिए कमिटेड है। उन्होंने कहा कि लोकल युवाओं के लिए नौकरी के मौके बढ़ाने के लिए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्मों सहित जानी-मानी नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियों को जम्मू-कश्मीर लाने की कोशिशें चल रही हैं।
उन्होंने एक साल के अंदर दिहाड़ी मजदूरों को रेगुलर करने के सरकार के वादे को भी दोहराया और कहा कि यह मुद्दा सरकार के लिए प्राथमिकता बना हुआ है। उन्होंने कहा, “यह हमारा वादा है कि एक साल के अंदर दिहाड़ी मज़दूरों को रेगुलर कर दिया जाएगा,” और कहा कि उनकी लंबे समय से पेंडिंग मांगों को पूरा करने के लिए जरूरी पॉलिसी उपायों पर काम किया जा रहा है।
शर्मा ने बेरोजगार युवाओं से एग्जामिनेशन फीस लेने के लिए जम्मू और कश्मीर सर्विसेज़ सिलेक्शन बोर्ड की आलोचना की और इसे नौकरी चाहने वालों के लिए बोझ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी नौकरी चाहने वालों पर पैसे का बोझ कम करने के तरीकों पर विचार कर रही है।
यह बात केंद्र शासित प्रदेश में रोजगार पैदा करने और टेम्पररी कर्मचारियों को रेगुलर करने को लेकर लोगों की बढ़ती उम्मीदों के बीच आई है।
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