GMC में डेंगू के मामले आने से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, लोगों से भी की अपील

Edited By Neetu Bala, Updated: 26 Sep, 2026 02:49 PM

alarm raised over dengue cases at gmc

डॉ. शर्मा ने कहा कि डेंगू के मामले अक्सर उन इलाकों में ज़्यादा सामने आते हैं जहाँ पानी जमा होता है और मौसम गर्म व उमस भरा होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि उनके घरों के आस-पास पानी जमा न हो और जहाँ पानी जमा हो गया हो, उन...

डोडा ( पारुल दुबे )  :  गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) डोडा में अब तक डेंगू के लगभग 7 मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है, जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और पूरे ज़िले में ज़रूरी बचाव के उपाय कर रहे हैं। डोडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विनोद शर्मा ने कहा कि GMC डोडा में पर्याप्त बेड और आइसोलेशन की सुविधाए हैं और स्वास्थ्य विभाग डेंगू के मामलों में किसी भी बढ़ोतरी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पूरे ज़िले में स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि डेंगू के मामले अक्सर उन इलाकों में ज़्यादा सामने आते हैं जहाँ पानी जमा होता है और मौसम गर्म व उमस भरा होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि उनके घरों के आस-पास पानी जमा न हो और जहाँ पानी जमा हो गया हो, उन जगहों को अच्छी तरह सुखा लें।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे जमा किए गए पानी को नियमित रूप से साफ़ करें और बदलें, और यह सुनिश्चित करें कि पानी लंबे समय तक एक जगह जमा न रहे। उन्होंने साफ़ किया कि लोगों को रेफ्रिजरेटर के निचले हिस्से में बाहर की तरफ़ लगी ट्रे पर भी ध्यान देना चाहिए, जहाँ पानी जमा हो सकता है। उन्होंने निवासियों को यह भी सलाह दी कि वे नियमित रूप से फूलों के गमलों, पुराने टायरों, पानी की टंकियों, कूलर और साफ़ पानी जमा करने वाले अन्य बर्तनों की जांच करें।

डॉ. शर्मा ने कहा कि ताज़ा या साफ पानी जमा करने वाले किसी भी बर्तन को, जिसमें 7 दिनों से ज़्यादा समय से पानी रखा हो, मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए हफ़्ते में कम से कम एक बार खाली करके साफ़ करना चाहिए।

CMO ने उन लोगों से आग्रह किया जिन्हें बुखार या डेंगू के अन्य लक्षण महसूस हों, वे लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने के बजाय बिना देरी किए नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएँ। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं, वहां निगरानी की जा रही है और बचाव के उपायों के तहत जहां भी ज़रूरत हो, वहां फॉगिंग की जा रही है।

GMC डोडा के कंसल्टेंट डॉ. गोविंद कुमार ने कहा कि डेंगू के संदिग्ध या कन्फर्म मामलों वाले मरीज़ों की अस्पताल में ठीक से जांच की जा रही है, सही दवाओं से इलाज किया जा रहा है और उन्हें नियमित निगरानी में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मरीज़ों को अस्पताल में ज़रूरी इलाज और देखभाल मिल रही है।

डॉ. कुमार ने लोगों को सलाह दी कि वे ऐसे कपड़े पहनें जिनसे शरीर अच्छी तरह ढंका रहे, अपने आस-पास साफ़-सफ़ाई बनाए रखें और मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सावधानी बरतें। उन्होंने लोगों को डेंगू का शक होने पर खुद से दवा लेने, खासकर एस्पिरिन या दूसरे NSAID जैसी दवाएं लेने से बचने और डॉक्टर से सलाह लेने की चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा कि डेंगू का इलाज मुख्य रूप से सपोर्टिव होता है और मरीज़ों को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार हाइड्रेशन, ब्लड काउंट और अन्य क्लिनिकल पैरामीटर्स की सही निगरानी के साथ मेडिकल देखरेख में रहना चाहिए। उन्होंने मरीज़ों और उनके परिवारों से अपील की कि अगर लगातार उल्टी, पेट दर्द, ब्लीडिंग, ज़्यादा सुस्ती या मुंह से तरल पदार्थ लेने में कठिनाई जैसे चेतावनी वाले लक्षण दिखें, तो तुरंत मेडिकल मदद लें।

डॉ. कुमार ने कहा कि ज़्यादातर मरीज़ समय पर पहचान, पर्याप्त हाइड्रेशन, सही निगरानी और उचित सपोर्टिव देखभाल से ठीक हो जाते हैं, जबकि चेतावनी वाले लक्षण दिखाने वाले मरीज़ों को ज़्यादा बारीकी से देखने और मेडिकल मैनेजमेंट की ज़रूरत होती है।

GMC डोडा में इलाज करा रहे एक मरीज़ ने बताया कि शुरू में उन्हें तेज़ बुखार और बहुत कमज़ोरी महसूस हुई, जिसके बाद वे अस्पताल गए और टेस्ट करवाया। डेंगू का टेस्ट पॉज़िटिव आने के बाद उन्हें इलाज के लिए GMC डोडा में भर्ती कराया गया।

मरीज़ ने बताया कि उन्हें अस्पताल में सही इलाज और नियमित निगरानी मिली, डॉक्टर नियमित रूप से उनसे मिलने आते थे और उनकी हालत की जांच करते थे। उन्होंने कहा कि अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं और इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि बुखार या अन्य लक्षण होने पर समय पर मेडिकल मदद लें।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, रुका हुआ पानी जमा न होने दें, साफ़-सफाई बनाए रखें और डेंगू के लक्षण होने पर समय पर मेडिकल देखभाल लें। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें और ज़िले में डेंगू को नियंत्रित करने में मदद के लिए बचाव के उपाय अपनाएं।

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