Edited By Neetu Bala, Updated: 24 Sep, 2026 05:37 PM

जम्मू और कश्मीर असेंबली ने गुरुवार को राइट टू एजुकेशन एक्ट में बदलाव की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पास किया।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : जम्मू और कश्मीर असेंबली ने गुरुवार को राइट टू एजुकेशन एक्ट में बदलाव की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पास किया, ताकि 31 अक्टूबर, 2019 से पहले नियुक्त टीचरों को टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) में बैठने से छूट मिल सके।
शिक्षा मंत्री के अनुसार, सकीना इटू ने प्रस्ताव पेश किया जिसमें केंद्र सरकार से बच्चों के मुफ़्त और RTE एक्ट, 2009 के सेक्शन 23 में ज़रूरी कानूनी बदलाव करने की अपील की गई है, ताकि 31 अक्टूबर, 2019 से पहले नियुक्त सभी टीचरों को TET में बैठने से छूट मिल सके।
मंत्री द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में लिखा है, “यह सदन एकमत से केंद्र सरकार से बच्चों के मुफ़्त और अनिवार्य शिक्षा (RTE) एक्ट, 2009 के सेक्शन 23 में ज़रूरी कानूनी बदलाव करने की अपील करता है, ताकि 31 अक्टूबर, 2019 से पहले नियुक्त सभी टीचरों को TET में बैठने से छूट मिल सके।”
इसमें कहा गया है, “सदन केंद्र सरकार से सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाने और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के माध्यम से अपेक्षित अधिसूचना जारी करने का आग्रह करता है।”
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here
जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here