Rajouri-Poonch में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, वेतन में बढ़ोतरी सहित रखी कई मांगें

Edited By Sunita sarangal, Updated: 29 Sep, 2026 02:34 PM

rajouri poonch anganwadi worker protest

राजौरी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने चिल्ड्रन पार्क में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अध्यक्ष सतविंदर कुमारी की देखरेख में आयोजित किया गया।

राजौरी/पुंछ(अमित): समाज कल्याण विभाग के अधीन कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को राजौरी और पुंछ में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से उनके मासिक मानदेय में तत्काल बढ़ोतरी, सेवाओं के नियमितीकरण, पदोन्नति के अवसर और अन्य सेवा संबंधी लाभ उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।

राजौरी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने चिल्ड्रन पार्क में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अध्यक्ष सतविंदर कुमारी की देखरेख में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौजूदा मानदेय में उनके लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से उनके मानदेय में तत्काल वृद्धि करने की मांग की और कहा कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो मौजूदा मानदेय पर काम जारी रखना उनके लिए मुश्किल होगा।

वहीं, पुंछ में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाओं को नियमित करने, मासिक मानदेय में पर्याप्त बढ़ोतरी, पदोन्नति के अवसर तथा अन्य सेवा लाभ देने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 5,000 में दम नहीं, 20,000 से कम नहीं” का नारा लगाते हुए सरकार से मानदेय को बढ़ाकर कम से कम 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती लागत के बीच मौजूदा 5 हजार रुपये का मानदेय उनके लिए पर्याप्त नहीं है।

प्रदर्शनकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लिया जाए।

एक प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जीवन-यापन की लागत में काफी वृद्धि हुई है और ऐसे में 5 हजार रुपये प्रतिमाह में परिवार की जरूरतों को पूरा करना कठिन है। उन्होंने सरकार से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट और उचित जॉब पॉलिसी बनाने की मांग की।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे समाज के जमीनी स्तर पर सरकार की विभिन्न योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों, महिलाओं और परिवारों से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन के बावजूद उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारियों के समान सेवा लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में बड़ी संख्या ऐसी महिलाओं की है जो स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर तक शिक्षित हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वर्तमान में बेहद कम मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है।

कार्यकर्ताओं ने सरकार के समक्ष मानदेय को कम से कम 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने, सेवाओं के नियमितीकरण के लिए नीति बनाने, पदोन्नति के अवसर उपलब्ध करवाने तथा अन्य सेवा संबंधी लाभ देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी व्यवस्था के माध्यम से वे लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं और सरकार को उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार मौजूदा विधानसभा सत्र के दौरान उनकी मांगों पर विचार करेगी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं सेवा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो सरकार को मौजूदा आंगनवाड़ी व्यवस्था और उसमें कार्यरत कर्मचारियों की सेवा स्थिति पर पुनर्विचार करना चाहिए।

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