Edited By Neetu Bala, Updated: 11 Oct, 2026 04:59 PM

पहाड़ियों की प्राकृतिक छटा के बीच स्थित यह पवित्र मंदिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। माता रानी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था ही इस प्राचीन दरबार की विशेष पहचान है।
जम्मू/अखनूर ( रोहित मिश्रा ) : नवरात्रों का पावन पर्व शुरू होते ही माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। जम्मू से लगभग 30 किलोमीटर दूर पहाड़ों की गोद में विराजमान शोएवाली माता का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र है। प्राकृतिक सुंदरता से घिरा माता का यह पवित्र दरबार न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है, बल्कि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और भक्ति की अनुभूति भी कराता है। पहाड़ियों के बीच स्थित माता रानी का यह प्राचीन दरबार अपनी धार्मिक मान्यताओं और भक्तों की गहरी श्रद्धा के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता के चरणों में शीश नवाने वाले श्रद्धालु माता रानी से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। इसी अटूट विश्वास के साथ भक्त माता के दरबार में पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
नवरात्रों में माता के जयकारों से गूंजता है दरबार
नवरात्रों के पावन दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष महत्त्व होता है। ऐसे में शोएवाली माता के प्राचीन मंदिर में भी माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिलता है। श्रद्धालु माता रानी का स्मरण कर अपने परिवार और समाज की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। पहाड़ियों की प्राकृतिक छटा के बीच स्थित यह पवित्र मंदिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। माता रानी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था ही इस प्राचीन दरबार की विशेष पहचान है।

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