Edited By Sunita sarangal, Updated: 07 May, 2026 01:29 PM

'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी पर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
श्रीनगर(मीर आफताब): 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी पर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारी पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। उन्होंने गश्त और चेकपॉइंट बढ़ा दिए हैं, खासकर पहलगाम और अन्य पर्यटन स्थलों पर, ताकि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए जाने वाले जवाबी हमलों को रोका जा सके। सुरक्षाबल पूरे इलाके पर नज़र रख रहे हैं, और वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
पर्यटन पर विशेष ध्यान
कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं, जिनमें गश्त बढ़ाना और कड़ी निगरानी रखना शामिल है। निवासियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चेकपॉइंट बनाए गए हैं, तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं, और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर
'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा की गई एक बड़ी जवाबी कार्रवाई थी। इसे 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसका मकसद पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था। इस ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करना था, और इसके तहत लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े लॉन्चपैड पर सटीक हमले किए गए थे।
भारतीय सेना की चेतावनी
'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी के मौके पर भारतीय सेना ने आतंकवाद से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इंडियन आर्मी ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के खतरे का जवाब तुरंत और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।
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