Edited By Sunita sarangal, Updated: 05 May, 2026 01:40 PM
शहर के नजदीक जल्द ही एक मिनी जू (चिड़ियाघर) की शुरुआत होने जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर बच्चों को वन्यजीवों को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
राजौरी(शिवम बक्शी): राजौरी जिले के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शहर के नजदीक जल्द ही एक मिनी जू (चिड़ियाघर) की शुरुआत होने जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर बच्चों को वन्यजीवों को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
कहां बनेगा जू
यह प्रस्तावित मिनी जू छिछीरा रेस्क्यू सेंटर में विकसित किया जा रहा है, जो राजौरी शहर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर दूधाधारी मंदिर के समीप स्थित है। इस परियोजना के तहत शुरुआती चरण में 15 से 20 प्रजातियों के जंगली जानवरों और पक्षियों को रखा जाएगा।
कौन-कौन सी प्रजातियां होंगी शामिल
मिनी जू की सबसे खास बात यह होगी कि इसमें पीर पंजाल क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों को शामिल किया जाएगा। इनमें ब्लैक बियर, ब्राउन बियर, इंडियन लेपर्ड, मार्कहोर, गोरल, हॉग डियर, पाम सिवेट, इंडियन पैंगोलिन, हेजहॉग, जैकल, वुल्फ और विभिन्न प्रजातियों के सांप शामिल हैं। इसके अलावा हिरण (डियर) की तीन अलग-अलग प्रजातियां भी यहां देखने को मिलेंगी।
अंतिम चरण में है प्रक्रिया
इस संबंध में रेंज ऑफिसर वाइल्डलाइफ इफ्तिखार खान ने बताया कि मिनी जू की स्थापना से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में इस मिनी जू का विस्तार किया जाएगा और इसमें शेर एवं बाघ जैसे बड़े वन्यजीवों को भी शामिल करने की योजना है, जिससे यह और आकर्षक एवं व्यापक बन सके।
इफ्तिखार खान ने कहा कि राजौरी में इस तरह की सुविधा की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब स्थानीय लोगों को जम्मू या अन्य शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे अपने जिले में ही जू का आनंद ले सकेंगे।
स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिनी जू के शुरू होने से राजौरी जिले में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। दूधाधारी मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी इस जू का रुख कर सकेंगे, जिससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और छोटे दुकानदारों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
बच्चों के लिए बनेगा शैक्षणिक केंद्र
यह मिनी जू बच्चों और विद्यार्थियों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां स्कूलों के शैक्षिक दौरे (एजुकेशनल टूर) आयोजित किए जाएंगे, जिससे बच्चों को किताबों के अलावा वास्तविक जीवन में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बल
अधिकारियों के अनुसार यह मिनी जू केवल मनोरंजन का साधन नहीं होगा, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। यहां आने वाले लोगों को विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास और उनके महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
मिनी जू को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसमें जानवरों के लिए प्राकृतिक वातावरण जैसा एनक्लोजर, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और विजिटर्स के लिए बैठने, पेयजल और मार्गदर्शन की सुविधाएं शामिल होंगी। साथ ही, सीसीटीवी निगरानी और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय लोगों में उत्साह
इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इससे न केवल मनोरंजन के नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि बच्चों को मोबाइल और टीवी से हटकर प्रकृति के करीब आने का मौका मिलेगा।
कब होगा मिनी जू का उद्घाटन
उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी 6 महीनों के भीतर इस मिनी जू का विधिवत उद्घाटन कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
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