UAPA के तहत प्रशासन का कड़ा प्रहार, कश्मीर का चर्चित मदरसा गैर-कानूनी घोषित

Edited By Neetu Bala, Updated: 27 Apr, 2026 02:18 PM

administration strikes hard under uapa

यह फैसला कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से लिया गया, जिसमें उन्होंने अधिनियम की धारा 8(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया।

शोपियां  ( मीर आफताब )  :   जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने शोपियां के इमाम साहिब में स्थित दारुल उलूम जामिया सिराज-उल-उलूम को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत एक गैर-कानूनी संस्था घोषित कर दिया है। यह फैसला कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से लिया गया, जिसमें उन्होंने अधिनियम की धारा 8(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया।

आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई शोपियां के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस द्वारा 24 मार्च, 2026 को जमा की गई एक रिपोर्ट (dossier) के बाद शुरू की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि यह मदरसा, हालांकि एक धार्मिक शिक्षण संस्थान के तौर पर चल रहा था, लेकिन इसमें गंभीर कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। आदेश में कई चिंताओं का जिक्र है, जिनमें जमीन का कथित तौर पर गलत तरीके से अधिग्रहण, सक्षम अधिकारियों के पास अनिवार्य पंजीकरण की कमी और कानूनी निगरानी से बचने की कोशिशें शामिल हैं।

अधिकारियों ने संस्थान और जमात-ए-इस्लामी के बीच कथित संबंधों का भी हवाला दिया है जमात-ए-इस्लामी को भारत सरकार ने 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था। अधिकारियों ने दावा किया कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोग इस मदरसे में अभी भी अहम प्रशासनिक और शैक्षणिक पदों पर बने हुए थे।

प्रशासन ने वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी चिंता जताई, और आरोप लगाया कि संस्थान के फंड का इस्तेमाल संदिग्ध तरीके से किया जा रहा था, और पैसे का गलत इस्तेमाल या हेरफेर किए जाने की आशंका थी।

PunjabKesari

आदेश में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने रिपोर्ट दी थी कि संस्थान ने समय के साथ एक ऐसा माहौल बना दिया था जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाला था, और इसके कुछ पूर्व छात्र कथित तौर पर उग्रवादी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च, 2026 को संस्थान के चेयरमैन को एक 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notice) जारी किया गया था, जिसमें पूछा गया था कि इस परिसर को गैर-कानूनी क्यों न घोषित कर दिया जाए। जवाब मिलने के बाद, पुलिस ने कथित तौर पर उन आपत्तियों को तथ्यों के आधार पर कमजोर और बिना किसी कानूनी आधार के बताया।

अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई एहतियाती प्रकृति की थी और इसका मकसद परिसर का इस्तेमाल गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए होने से रोकना था। UAPA की धारा 8(1) के तहत जारी इस ताजा अधिसूचना के साथ, अब इस संस्थान को औपचारिक रूप से एक गैर-कानूनी जगह/संस्था घोषित कर दिया गया है।

यह आदेश सक्षम अधिकारियों को आगे की कार्रवाई करने की अनुमति देता है, जिसमें परिसर को सील करना और वित्तीय संपत्तियों को जब्त करना शामिल है। सूत्रों के अनुसार, सेमिनरी के खिलाफ कार्रवाई—जिसमें संपत्ति जब्त करना भी शामिल हो सकता है—अगले 24 से 48 घंटों के भीतर हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस संस्थान में सैंकड़ों छात्र नामांकित थे।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!