Edited By Sunita sarangal, Updated: 05 May, 2026 04:03 PM

मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक पदयात्रा को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई सिर्फ एक सामाजिक अभियान से कहीं बढ़कर है।
बडगाम(मीर आफताब): उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी आतंक की फंडिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर समाज को अस्थिर करने के लिए इस क्षेत्र में नशीले पदार्थ भेजने का आरोप लगाया।
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक पदयात्रा को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई सिर्फ एक सामाजिक अभियान से कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग युवा पीढ़ी को तबाह कर रहा है और उनके आत्मविश्वास पर बुरा असर डाल रहा है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आतंकवाद को अकसर नशीले पदार्थों के जरिए ही फंडिंग मिलती है। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने और उसे आर्थिक मदद देने के लिए क्षेत्र में नशीले पदार्थों के इस खतरे को फैला रहा है।
अब तक की गई कार्रवाई के पैमाने पर प्रकाश डालते हुए सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 दिनों में पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने 481 केस दर्ज किए हैं और नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा पूरा वित्तीय नेटवर्क कड़ी निगरानी में है। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी सड़कों पर नशीले पदार्थ बेचने वाले छोटे-मोटे पेडलर्स और नशीले पदार्थों के बड़े सरगनाओं, दोनों को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एक भी तस्कर बच नहीं पाएगा। उनकी एजेंसियों को पता है कि आप कौन हैं और आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। LG ने कहा कि इस खतरे पर लगाम लगाने के लिए कड़े प्रशासनिक उपाय भी लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज जारी की गई SOPs (मानक संचालन प्रक्रियाओं) के अनुसार रद्द कर दिए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि लगभग 290 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मेडिकल दुकानों और दवा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही सिन्हा ने नशे की लत से पीड़ित लोगों के प्रति करुणा और उनके पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये उनके अपने बच्चे हैं – उनके बेटे और बेटियां। उन्हें देखभाल, समझ और उचित पुनर्वास की जरूरत है।
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