Edited By Neetu Bala, Updated: 17 Aug, 2026 07:22 PM

उन्होंने कहा कि NEET विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरत से ज़्यादा केंद्रीकरण के नतीजों का एक उदाहरण है।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को राज्यों को ज़्यादा अधिकार देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए और केंद्र को अपने अधिकार क्षेत्र वाले मामलों पर ध्यान देना चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने केंद्र से कहा कि वह राज्यों के मुद्दों को राज्यों पर ही छोड़ दें और अपने मुद्दों पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि राज्यों का कमजोर होना सिर्फ बीजेपी की नीतियों का नतीजा नहीं है, बल्कि केंद्र में रही पिछली सरकारों ने भी इसमें भूमिका निभाई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली UPA सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भी शक्तियों को केंद्रित करने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ बीजेपी की गलती नहीं है। केंद्र की अलग-अलग सरकारों ने राज्यों को कमज़ोर करने का काम किया है।"
उन्होंने कहा कि NEET विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरत से ज़्यादा केंद्रीकरण के नतीजों का एक उदाहरण है।
जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी से सरकार के खिलाफ विरोध करने की उम्मीद ही की जाती है।
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