Edited By Sunita sarangal, Updated: 29 Sep, 2026 12:45 PM

बताया जा रहा है कि 2013 और 2014 में आई बाढ़ के दौरान यहां बना पुल बह गया था, जिसके बाद से अब तक नए पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।
जोगवान(रोहित मिश्रा): सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित हो रहा एक वीडियो सीमावर्ती गांवों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने ला रहा है। वीडियो में स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करते हुए स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं। हाथों में किताबें हैं, लेकिन सुरक्षित आवागमन के लिए आज भी पक्के पुल का इंतजार है।
बताया जा रहा है कि 2013 और 2014 में आई बाढ़ के दौरान यहां बना पुल बह गया था, जिसके बाद से अब तक नए पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके चलते तखर सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को प्रतिदिन नाव के सहारे नदी पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सामान्य दिनों में भी यह सफर जोखिम भरा है, जबकि बारिश अथवा नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान बच्चों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में नदी पार करना बेहद कठिन और खतरनाक हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद जुगल किशोर शर्मा तथा एन.सी. सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए यहां जल्द से जल्द पुल का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को हर दिन जान जोखिम में डालकर स्कूल न जाना पड़े।
वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। सवाल यही है कि जब बच्चे किताबों के साथ नाव में बैठकर शिक्षा का अधिकार पाने के लिए नदी पार कर रहे हैं, तो उनके सुरक्षित भविष्य के लिए पक्के पुल का इंतजार आखिर कब खत्म होगा?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्थायी समाधान की मांग की है।
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