जवानों की कलाई पर बंधी रक्षा की डोर, स्कूली बच्चों ने मनाया रक्षाबंधन पर्व

Edited By Neetu Bala, Updated: 08 Aug, 2025 03:31 PM

the thread of protection is tied on the wrists of soldiers

भाई-बहन के इस पवित्र त्यौहार पर बच्चों और जवानों के बीच का यह आत्मीय मिलन दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला रहा।

हीरानगर ( लोकेश ) :  सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर हीरानगर में रक्षाबंधन का त्योहार बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने केंद्र में तैनात जवानों और अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी, माथे पर टीका लगाया और मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया। भाई-बहन के इस पवित्र त्यौहार पर बच्चों और जवानों के बीच का यह आत्मीय मिलन दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला रहा।

इस विशेष आयोजन की अगुवाई डीआईजी मुनीष कुमार सच्चर ने की, जिन्होंने बच्चों का स्वागत कर उन्हें सुरक्षा बलों की भूमिका के बारे में अवगत करवाया और उनके इस अनमोल भाव के लिए आभार जताया। इस दौरान सीआरपीएफ जवानों की आंखों में भावुकता साफ झलक रही थी, जब उन्हें उन बहनों से राखी मिली जिनकी उम्र उनके अपने बच्चों जितनी थी। 

डीआईजी मुनीष कुमार सच्चर ने अपने संबोधन में कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि देश की एकता, प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। जब हमारे जवान घरों से दूर रहकर सीमाओं की रक्षा कर रहे होते हैं, तब ऐसे अवसर उन्हें अपनेपन और भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव कराते हैं। बच्चों द्वारा राखी बांधना हमारे लिए एक आशीर्वाद की तरह है, जो हमें हमारी जिम्मेदारी और अधिक मजबूती से निभाने की प्रेरणा देता है। 

कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों की गूंज, बच्चों की मुस्कान और जवानों के चेहरे पर खुशी ने माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया। रक्षाबंधन जैसे पर्व जब सुरक्षाबलों के बीच मनाए जाते हैं, तो यह न सिर्फ उनकी जिम्मेदारियों को सराहने का जरिया बनते हैं, बल्कि देश की नई पीढ़ी को भी यह सीख देते हैं कि सैनिकों के बिना हमारी स्वतंत्रता अधूरी है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!