राजौरी रहस्यमयी मौ*तों का मामला: साल भर बाद बड़ा खुलासा !...हैरान करने वाली रिपोर्ट आई सामने

Edited By Neetu Bala, Updated: 30 Mar, 2026 10:57 AM

rajouri mysterious deaths case major revelation after a year

राजौरी जिले के दूरदराज बुद्धल क्षेत्र में दिसम्बर 2024 में हुई 17 लोगों की रहस्यमयी मौतों के मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार ने ताजा खुलासा किया है।

राजौरी (शिवम):  राजौरी जिले के दूरदराज बुद्धल क्षेत्र में दिसम्बर 2024 में हुई 17 लोगों की रहस्यमयी मौतों के मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार ने ताजा खुलासा किया है। एक साल से अधिक समय बाद सामने आए प्रारंभिक निष्कर्षों में जहरीले कीटनाशक तत्वों और कैडमियम के उच्च स्तर को इन मौतों का संभावित कारण बताया गया है। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने विधानसभा में एक स्टार प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि लखनऊ स्थित सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ द्वारा किए गए टॉक्सिकोलॉजिकल विश्लेषण में यह स्पष्ट हुआ है कि यह घटनाएं किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से जुड़ी नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि जांच में एल्डीकार्ब सल्फोन, एसिटामिप्रिड और ब्यूटॉक्सीकार्बोक्सिम जैसे खतरनाक कीटनाशक तत्वों के साथ-साथ कुछ सैंपलों में कैडमियम का स्तर भी अधिक पाया गया है, जो न्यूरो-टॉक्सिक प्रभाव की ओर संकेत करता है। यह मामला नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जाविद इकबाल द्वारा उठाया गया था, जिसमें 7 दिसंबर 2024 से 24 जनवरी 2025 के बीच हुई 17 मौतों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी।

मंत्री ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (एस.आई.टी) और गृह मंत्रालय की इंटर-मिनिस्ट्रियल टीम जांच कर रही है, ताकि मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। घटना के दौरान प्रभावित लोगों में पेट दर्द, उल्टी, बुखार, उनींदापन, सांस लेने में दिक्कत और मानसिक स्थिति में बदलाव जैसे लक्षण सामने आए थे। ये घटनाएं चार अलग-अलग क्लस्टरों में हुईं, जिनमें कुल 55 लोग प्रभावित हुए और 17 की मौत हो गई।

प्रभावितों को तुरंत कंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, GMC राजौरी और जम्मू के SMGS अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर जांच और नियंत्रण अभियान चलाया। प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल कैंप लगाए गए और 3,577 लोगों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की गई। रैपिड रिस्पांस टीमों ने संपर्क ट्रेसिंग भी की।

खाद्य पदार्थों, पानी, दवाओं और जैविक नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा गया। जीएमसी राजौरी, जीएमसी जम्मू और एसएमजीएस अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए। मामले की समीक्षा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा उच्च स्तर पर की गई। जांच में ICMR, NCDC, PGIMER Chandigarh और एम्स नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीमें भी शामिल रहीं।

हालांकि अंतिम रिपोर्ट अभी आना बाकी है, लेकिन ताजा निष्कर्षों ने इस रहस्यमयी घटना के पीछे जहरीले पदार्थों की भूमिका की आशंका को मजबूत किया है। 

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!