डेंगू-चिकनगुनिया के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, घर-घर निगरानी शुरू

Edited By Neetu Bala, Updated: 15 Jul, 2026 03:02 PM

health department on alert amidst dengue and chikungunya threat

विभाग का उद्देश्य संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करना और लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

जम्मू  (सतीश): जम्मू-कश्मीर में मानसून के आगमन के साथ ही मच्छरों से फैलने वाले रोगों का खतरा बढऩे लगा है। विशेष रूप से डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में रोकथाम, निगरानी और उपचार की व्यापक व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग का उद्देश्य संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करना और लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से लेकर आज तक डेंगू के 5,850 संदिग्ध मामलों की जांच की गई है। इनमें से 62 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि इस अवधि में डेंगू से किसी भी मरीज की मृत्यु दर्ज नहीं हुई है।

राज्य के स्टेट मलेरियालोजिस्ट व उप निदेशक (मुख्यालय) डा. हरबख्श सिंह ने बताया कि इस वर्ष डेंगू और चिकनगुनिया के खिलाफ अभियान को पहले से अधिक व्यापक बनाया गया है। इस सप्ताह मात्र डेंगू के 4 मामलों की पुष्टि हुई है। आम जनता को जागरूक करने के लिए रेडियो, टेलीविजन, सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार पत्रों, नुक्कड़ नाटकों और माइकिंग जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को शीघ्र ही जम्मू नगर निगम की टीमों के साथ सभी संवेदनशील स्थानों फॉगिंग व स्प्रे अभियान आरंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्कर और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स घर-घर जाकर पानी जमा होने वाले स्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं और लोगों को आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

12 सेंटिनल सर्विलांस अस्पताल सक्रिय

उन्होंने बताया कि डेंगू जांच के लिए प्रदेश में 12 सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों को सक्रिय किया गया है। इसके अलावा डेंगू और चिकनगुनिया जांच किटों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। लार्वीसाइड, फॉगिंग मशीनों और कीटनाशकों का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जम्मू संभाग में जी.एम.सी. जम्मू, कठुआ, राजौरी और गांधी नगर अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट लैब्स को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी सरकारी मैडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने आस-पास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।

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