Edited By Neetu Bala, Updated: 21 Sep, 2026 04:18 PM
जम्मू-कश्मीर सरकार ने विधानसभा में दी गई जानकारी में बताया है कि राजौरी जिले में हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ निजी संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है।
राजौरी (शिवम बक्शी) : जम्मू-कश्मीर सरकार ने विधानसभा में दी गई जानकारी में बताया है कि राजौरी जिले में हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ निजी संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। राजौरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाढ़ से व्यापक नुकसान दर्ज किया गया है। सरकारी जवाब के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से संबंधित 149 SDRF राहत मामले उपायुक्त कार्यालय राजौरी में प्राप्त हुए। निर्धारित SDRFमानकों के तहत प्रभावित परिवारों को अब तक ₹40.61 लाख की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।
इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए राजौरी जिले को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹2.81 करोड़ जारी किए गए हैं। सरकार के अनुसार, यह राशि निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावित परिवारों में वितरित की गई है।
---403 सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली का प्रस्ताव---
सरकार ने बताया कि राजौरी जिले में बाढ़ और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों का प्रारंभिक आकलन पूरा कर लिया गया है। 403 सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली के लिए करीब ₹185 करोड़ की लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, जलापूर्ति योजनाओं और बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं को एक महीने के भीतर अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया था। स्थायी बहाली के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जो फिलहाल विचाराधीन है।
---बिजली ढांचे को करीब ₹28 करोड़ का नुकसान---
जुलाई 2026 में भारी बारिश और बाढ़ के कारण राजौरी जिले में विद्युत ढांचे को भी व्यापक नुकसान हुआ। विद्युत विकास विभाग के आकलन के अनुसार जिले में बिजली ढांचे को कुल ₹2,799.16 लाख यानी करीब ₹27.99 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें से ₹939.24 लाख यानी करीब ₹9.39 करोड़ का नुकसान राजौरी विधानसभा क्षेत्र में दर्ज किया गया है।
बिजली आपूर्ति की अस्थायी बहाली के लिए विभिन्न कदम उठाए गए, जिनमें 132 केवी राजौरी- द्राबा दोहरी परिपथ पारेषण लाइन पर आपातकालीन बहाली टावर स्थापित करना भी शामिल है। इस पारेषण लाइन की स्थायी बहाली के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है।
राजौरी जिले में बिजली आपूर्ति की अस्थायी बहाली के लिए जिला विकास परिषद राजौरी के माध्यम से SDRF के तहत ₹125 लाख प्राप्त हुए। इसमें राजौरी विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹57.60 लाख, थन्नामंडी के लिए ₹43.40 लाख, बुद्धल के लिए ₹10.05 लाख, सुंदरबनी के लिए ₹6.35 लाख और नौशहरा के लिए ₹7.60 लाख शामिल हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि 132 केवी राजौरी-ड्राबा पारेषण लाइन को हुए नुकसान के लिए एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के तहत कोई राशि जारी नहीं की गई है।
---खरीफ फसलों को भी नुकसान---
कृषि उत्पादन विभाग ने खरीफ 2026 के दौरान राजौरी विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का क्षेत्रीय स्तर पर सत्यापन किया। आकलन के अनुसार 416 हेक्टेयर मक्के की फसल में 15 प्रतिशत, जबकि 101.50 हेक्टेयर धान की फसल में 65 प्रतिशत नुकसान दर्ज किया गया है।
---एसडीआरएफ मुआवजा बढ़ाने का अधिकार केंद्र के पास---
विधानसभा में सरकार से यह भी पूछा गया कि बाढ़ से बड़े पैमाने पर हुए नुकसान को देखते हुए पूरी या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, कृषि भूमि, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संपत्तियों के लिए मौजूदा एसडीआरएफ मुआवजा मानकों को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव है या नहीं।
सरकार ने जवाब में कहा कि एसडीआरएफ मुआवजा मानकों में संशोधन या बढ़ोतरी का अधिकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है। ऐसे में मौजूदा मुआवजा मानकों में किसी भी बदलाव पर केंद्र सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाना होगा।
---जलापूर्ति और सिंचाई ढांचे का भी आकलन---
जल शक्ति विभाग ने राजौरी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित ढांचे को हुए नुकसान का भी आकलन किया है। विभागीय परिशिष्टों के माध्यम से विस्तृत नुकसान का विवरण उपलब्ध कराया गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग ने अपने अधिकार क्षेत्र में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का अलग से विवरण प्रस्तुत किया है। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने भी क्षतिग्रस्त नगर निकाय परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी दी है।
सरकार ने कहा कि क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के साथ-साथ भविष्य में बाढ़ जैसी घटनाओं के दौरान नुकसान कम करने के लिए संवेदनशील ढांचे को मजबूत किया जाएगा। बिजली क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित ढांचे को आवश्यकता के अनुसार मजबूत और पुनर्संरेखित किया जाएगा। साथ ही बिजली ढांचे में किसी भी संभावित खराबी या नुकसान की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त उपकरण उपलब्ध रखे जाएंगे।
सरकार के जवाब से स्पष्ट है कि बाढ़ के बाद विभिन्न विभागों ने नुकसान का प्रारंभिक आकलन पूरा कर आवश्यक सेवाओं की अस्थायी बहाली की है। प्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि सड़कों और पुलों समेत अन्य बुनियादी ढांचे की स्थायी बहाली के लिए बड़े पैमाने पर कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें 403 सड़कों और पुलों की बहाली के लिए ₹185 करोड़ का प्रस्ताव प्रमुख है।
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