Edited By Neetu Bala, Updated: 12 Aug, 2026 03:48 PM

अमरनाथ यात्रा में छड़ी मुबारक का खास धार्मिक महत्व है और इसकी आखिरी यात्रा को सालाना यात्रा का आध्यात्मिक समापन माना जाता है।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : सालाना श्री अमरनाथ यात्रा का आखिरी चरण पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हो गया है। भगवान शिव की पवित्र गदा, 'छड़ी मुबारक' को खास पूजा के लिए श्रीनगर के ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया। पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में पूजा सालाना यात्रा से जुड़ी पुरानी परंपराओं के तहत की गई। इन रस्मों के दौरान वैदिक मंत्रों का जाप, प्रार्थनाएं और भक्ति-भाव वाले कार्यक्रम हुए, जिनमें साधुओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। यात्रा के आखिरी चरण में छड़ी मुबारक को पारंपरिक रूप से इसके संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरी ले जाते हैं।
यह पवित्र गदा पारंपरिक रास्ते से अमरनाथ गुफा मंदिर की ओर जाएगी, जहां आखिरी पूजा और दर्शन के साथ यात्रा पूरी होगी। इन रस्मों में जम्मू-कश्मीर और पूरे देश के लोगों की शांति, समृद्धि और भलाई के लिए भी प्रार्थना की जाती है।
अमरनाथ यात्रा में छड़ी मुबारक का खास धार्मिक महत्व है और इसकी आखिरी यात्रा को सालाना यात्रा का आध्यात्मिक समापन माना जाता है।


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