Jammu Kashmir में आज 'ऑरेंज अलर्ट'.... कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना

Edited By Neetu Bala, Updated: 19 Mar, 2026 11:25 AM

orange alert in jammu and kashmir today

जम्मू-कश्मीर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीते दिन की तरह वीरवार को भी जम्मू में सुबह के समय हल्की ठंडी हवाएं चलती रहीं और आसमान में बादल छाए रहे।

जम्मू ( तनवीर ), कश्मीर ( मीर आफताब ):  जम्मू-कश्मीर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीते दिन की तरह वीरवार को भी जम्मू में सुबह के समय हल्की ठंडी हवाएं चलती रहीं और आसमान में बादल छाए रहे, जिससे मौसम काफी सुहावना बना रहा। हालांकि, मौसम विभाग ने आज यानी 19 मार्च को जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को लगातार पाँचवें दिन मैदानी इलाकों में रुक-रुककर बारिश और ऊपरी इलाकों में ताज़ा बर्फ़बारी से कश्मीर में ठंड वापस आ गई है। वहीं, मौसम विभाग (MeT) ने अनुमान लगाया है कि 20 मार्च तक मौसम खराब रह सकता है, जो कि ईद-उल-फ़ित्र का संभावित दिन भी है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र में एक नया 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) सक्रिय है, जिसके कारण पूरी घाटी में बादल छाए हुए हैं और बारिश हो रही है।

इस अलर्ट के अनुसार, जम्मू के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कश्मीर घाटी के ज्यादातर हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रह सकती है। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश/बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। 

मिली जानकारी के अनुसार, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे ऊपरी इलाकों में ताज़ा बर्फ़बारी हुई, जबकि श्रीनगर जैसे मैदानी इलाकों में दिन भर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही।

उन्होंने कहा, "आम तौर पर 20 मार्च तक मौसम बादलों भरा रहेगा और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फ़बारी होने की संभावना है। चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के कुछ ऊँचे इलाकों में मध्यम से भारी बर्फ़बारी हो सकती है।"

ईद-उल-फ़ित्र, जो रमज़ान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है, 20 या 21 मार्च को मनाई जाने की संभावना है; यह चाँद दिखने पर निर्भर करेगा। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा मौसम की स्थिति यात्रा की योजनाओं पर असर डाल सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो त्योहार मनाने के लिए अपने पैतृक स्थानों या रिश्तेदारों से मिलने जा रहे हैं।

मौसम विभाग ने एक सलाह जारी करते हुए यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों से कहा है कि वे अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएँ, खासकर ऊँचे इलाकों और मुख्य पहाड़ी दर्रों पर, जहाँ बर्फ़बारी और सड़कों के फिसलन भरे होने के कारण रुकावटें आ सकती हैं।

अधिकारी ने कहा, "कुछ जगहों पर गरज के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने और ओले गिरने की भी संभावना है।"

इस बारिश और बर्फ़बारी के दौर के कारण पूरी घाटी में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा, जिससे पारे में काफ़ी गिरावट आई और ठंड वापस लौट आई, खासकर सुबह और शाम के समय।  मौसम विभाग ने 21 से 25 मार्च तक आम तौर पर मौसम सूखा रहने का अनुमान लगाया है, जिसमें 23 मार्च को कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी का एक छोटा दौर आ सकता है। 26 से 28 मार्च के बीच, कई जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ बादल छाए रहने का एक और दौर आने की उम्मीद है।

पर्यटकों, यात्रियों और आम जनता को सलाह दी गई  है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट और हाईवे की स्थिति जरूर जांच लें। किसानों को 20 मार्च तक कृषि गतिविधियां स्थगित रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।

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