Edited By VANSH Sharma, Updated: 01 Jan, 2026 08:06 PM

भारतीय रेलवे न केवल दूरियों को कम कर रहा है, बल्कि स्वाद के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जोड़ रहा है। कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस वास्तव में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीता-जागता उदाहरण बनकर उभरी है।
जम्मू-कश्मीर डेस्क (तनवीर सिंह): भारतीय रेलवे न केवल दूरियों को कम कर रहा है, बल्कि स्वाद के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जोड़ रहा है। कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस वास्तव में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीता-जागता उदाहरण बनकर उभरी है।
कश्मीर की वादियों में दौड़ती वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ अपनी रफ्तार के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी खास मेहमाननवाज़ी के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है। श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच संचालित यह ट्रेन यात्रियों को एक ऐसा अनूठा अनुभव प्रदान कर रही है, जहां स्वाद की खुशबू के साथ राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक सशक्त होती है।

वंदे भारत एक्सप्रेस में परोसा जा रहा है डोगरा और कश्मीरी संस्कृति का मेल
इस सफर की सबसे खास बात इसकी ‘क्यूरेटेड थाली’ है। यात्रियों को मिलने वाला भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की मिट्टी और पहचान का प्रतीक है।
- कटरा से श्रीनगर (डोगरी संस्कृति का स्वाद): जब ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर की ओर प्रस्थान करती है, तो यात्रियों को पारंपरिक डोगरी व्यंजन जैसे राजमा, हाक साग, कश्मीरी कदम, हाक पनीर आदि परोसे जाते हैं। यह भोजन जम्मू क्षेत्र की समृद्ध डोगरा संस्कृति का प्रतिबिंब है, जिसमें स्थानीय मसालों और पारंपरिक पाक-शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।

- श्रीनगर से कटरा (कश्मीरी जायका): वापसी की यात्रा में, जब ट्रेन श्रीनगर से चलती है, तो यात्रियों को विश्व-प्रसिद्ध कश्मीरी व्यंजनों जैसे कश्मीरी पुलाव, कश्मीरी कदम, जीरा आलू, हाक पनीर और केसर फिरनी का स्वाद चखने का अवसर मिलता है। केसर की खुशबू और कश्मीरी मसालों से तैयार यह भोजन यात्रियों को घाटी की विशिष्ट मेहमाननवाज़ी का अहसास कराता है।

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
भोजन का यह आदान-प्रदान महज़ एक ‘मेन्यू’ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकीकरण (National Integration) का एक सशक्त प्रतीक है।
- संस्कृतियों का जुड़ाव: डोगरा और कश्मीरी खान-पान को एक ही सफर का हिस्सा बनाकर यह ट्रेन जम्मू और कश्मीर के दो अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ रही है।
- पर्यटन को बढ़ावा: देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक जब एक ही यात्रा में इन दोनों विविध स्वादों का अनुभव करते हैं, तो उन्हें भारत की विविधता में एकता का वास्तविक एहसास होता है।
- विकास और विरासत: यह ट्रेन आधुनिक तकनीक और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सुंदर सेतु का कार्य कर रही है।

कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस ने यह सिद्ध कर दिया है कि यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की विविधताओं को करीब से जानने और उन्हें सम्मान देने का अवसर भी है। डोगरी और कश्मीरी व्यंजनों का यह अनोखा संगम भारत की अटूट एकता का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा रहा है।
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