Edited By Neetu Bala, Updated: 05 Jan, 2026 01:32 PM

कश्मीर में, खासकर शोपियां जिले में, गैर-कानूनी माइनिंग हॉर्टिकल्चर सेक्टर के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है,
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : कश्मीर में, खासकर शोपियां जिले में, गैर-कानूनी माइनिंग हॉर्टिकल्चर सेक्टर के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है, जो अपने सेब के बागों और दूसरे फलों की पैदावार के लिए बहुत मशहूर है। नदियों के किनारों और आस-पास के इलाकों से रेत, बजरी और पत्थरों को बिना रोक-टोक निकालने से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। इससे मिट्टी का कटाव होता है, ग्राउंडवाटर लेवल कम होता है और सिंचाई के रास्ते खराब होते हैं, जो बागों के लिए बहुत जरूरी हैं। किसानों की शिकायत है कि माइनिंग से होने वाला धूल का प्रदूषण फलों की क्वालिटी और पेड़ों की सेहत पर असर डालता है, जिससे पैदावार कम हो जाती है।
अगर इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो गैर-कानूनी माइनिंग शोपियां में हज़ारों बागवानों की रोज़ी-रोटी के लिए लंबे समय तक खतरा बन सकती है। अधिकारियों से सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है।

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