Edited By Neetu Bala, Updated: 27 Feb, 2026 07:00 PM

अंशुल लाल शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह बड़ी सफलता मिली।
जम्मू ( तनवीर ) : जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि सामने आई है। बात कर रहे हैं जम्मू कश्मीर के जिला कठुआ तहसील हीरानगर के रहने वाले अंशुल लाल शर्मा की जिन्होंने मात्र 24 वर्ष की उम्र में जम्मू-कश्मीर पब्लिक सर्विस कमीशन (JKPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (ज्यूडिशियल) परीक्षा 2025 में प्रथम रैंक हासिल किया है। वह इस परीक्षा में टॉप करने वाले उम्मीदवार बने हैं और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में नियुक्त होकर जम्मू-कश्मीर के सबसे कम उम्र के जज बन गए हैं।
यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का विषय है। अंशुल लाल शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह बड़ी सफलता मिली। परिवार, बहन, दोस्तों और शिक्षकों के निरंतर समर्थन को उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का मुख्य श्रेय दिया है।
अंशुल ने युवाओं को संदेश दिया है कि जम्मू-कश्मीर का कोई भी छात्र कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर पढ़ाई से ऐसी ही सफलताएं प्राप्त कर सकता है। जबकि कुछ युवा गलत रास्तों की ओर जा रहे हैं, वहीं अंशुल जैसे युवा अपनी पढ़ाई और मेहनत से समाज के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here
जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here