Edited By VANSH Sharma, Updated: 07 Jan, 2026 06:57 PM
श्रीनगर (मीर आफ़ताब): आतंक फंडिंग से जुड़े साइबर अपराध के खिलाफ काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने बड़ी कार्रवाई की है। कश्मीर के तीन जिलों में एक साथ 22 जगहों पर छापेमारी कर म्यूल बैंक अकाउंट चलाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया गया। इस दौरान 22 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
साइबर अपराध और आतंक फंडिंग पर बड़ी कार्रवाई
पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर FIR नंबर 06/2025 दर्ज की गई है। मामला आईटी एक्ट 2000, भारतीय न्याय संहिता 2023 और यूएपीए 1967 की धाराओं के तहत दर्ज हुआ है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क ऑनलाइन ठगी, अवैध गेमिंग, सट्टेबाजी और फर्जी निवेश ऐप्स से कमाए गए पैसे को छिपाने और आगे भेजने का काम करता था।
म्यूल अकाउंट नेटवर्क कैसे काम करता था
CIK के मुताबिक, आरोपी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बैंक खातों का गलत इस्तेमाल करते थे। इन खातों को “म्यूल अकाउंट” बनाकर अवैध पैसे को इधर-उधर घुमाया जाता था और बाद में इसे आतंक फंडिंग जैसी देशविरोधी गतिविधियों में लगाया जाता था। जांच में KYC नियमों की अनदेखी, फर्जी पहचान, नकली कारोबार का UDHYAM पोर्टल पर पंजीकरण, वर्चुअल अकाउंट नंबर और जटिल मनी लॉन्ड्रिंग तरीके सामने आए हैं।
म्यूल अकाउंट क्या है और क्यों खतरनाक
म्यूल अकाउंट वह बैंक या डिजिटल खाता होता है, जिसका इस्तेमाल अपराधी अवैध पैसे लेने, भेजने और छिपाने के लिए करते हैं। कई बार खाता धारक जानबूझकर शामिल होता है, तो कई बार अनजाने में फंस जाता है। ऐसे खाते फिशिंग, फर्जी निवेश, नकली लोन ऐप्स, ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में खूब इस्तेमाल होते हैं।
साइबर ठगी के आम तरीके
CIK के अनुसार ठग फोन कॉल, SMS, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सोशल मीडिया पर खुद को पुलिस, बैंक अधिकारी, RBI कर्मचारी या निवेश सलाहकार बताकर लोगों को फंसाते हैं।
आम ठगी के तरीके:
- फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग ऑफर
- नकली ट्रेडिंग या निवेश ऐप
- ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी
- “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी
- KYC या SIM बंद होने का डर
लोगों से UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं या OTP/PIN लेकर खाते पर कब्जा कर लिया जाता है।
ठगा गया पैसा कहां जाता है
- पीड़ित का खाता
- पहला म्यूल अकाउंट (थोड़ा कमीशन)
- कई म्यूल अकाउंट्स में रकम बांटना
- फर्जी कंपनियों या पेमेंट प्रोसेसर में जमा
- ATM से नकद निकासी, क्रिप्टो में बदलना या विदेश भेजना
म्यूल अकाउंट के लिए लोगों को कैसे फंसाया जाता है
- लक्षित लोग: छात्र, बेरोजगार युवा, छोटे दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर
- लालच: वर्क फ्रॉम होम, आसान कमाई, कमीशन
- भरोसा: फर्जी दस्तावेज और वेबसाइट
- कब्जा: SIM, ATM कार्ड, UPI PIN अपने पास रखवाना
- तेजी से बदलाव: एक अकाउंट पकड़ा जाए तो नया अकाउंट
22 जगहों पर छापेमारी
विशेष NIA अदालत, श्रीनगर से वारंट लेकर CIK ने
- श्रीनगर में 17,
- बडगाम में 3,
- शोपियां में 1 और
- कुलगाम में 1
जगह पर छापेमारी की। इस दौरान डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज जब्त किए गए।
22 हिरासत में, जांच जारी
अब तक 22 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच अभी शुरुआती दौर में है और आगे राज्य व देशभर में फैले नेटवर्क के और खुलासे होने की संभावना है।
CIK का साफ संदेश
CIK ने कहा है कि बैंकिंग सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे वे जानबूझकर शामिल हों या लापरवाही से। जनता से अपील है कि अपने बैंक और डिजिटल भुगतान की जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लेन-देन की तुरंत सूचना दें। साइबर अपराध सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। CIK देश की डिजिटल और वित्तीय सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
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