Edited By Sunita sarangal, Updated: 22 Oct, 2026 01:11 PM

गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले जी.एम.सी. बारामूला सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर अपने वजीफे में बढ़ोतरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए थे।
बारामूला(रेज़वान मीर): जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा एम.बी.बी.एस. और बी.डी.एस. इंटर्न डॉक्टरों, जिनमें विदेशी मेडिकल स्नातक भी शामिल हैं, के मासिक वजीफे में बढ़ोतरी का आदेश जारी किए जाने के बाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.) बारामूला के इंटर्न डॉक्टरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सरकार के आदेश संख्या 747-JK HME of 2026, दिनांक 21 अक्टूबर 2026 के अनुसार, इंटर्न डॉक्टरों का मासिक वजीफा 12,300 से बढ़ाकर 25,000 कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले जी.एम.सी. बारामूला सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर अपने वजीफे में बढ़ोतरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए थे। इस दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने लगभग 13 दिनों तक हड़ताल भी की थी और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की थी।
प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री साकिना इटू ने इंटर्न डॉक्टरों को उनकी जायज मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके लिए डॉक्टरों ने सरकार को लगभग दो महीने का समय दिया था।
अब सरकार की ओर से वजीफे में बढ़ोतरी का आदेश जारी होने के बाद जी.एम.सी. बारामूला के इंटर्न डॉक्टरों ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य मंत्री साकिना इटू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और इससे इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
इंटर्न डॉक्टरों ने इस पूरे मामले के दौरान उनका साथ देने और उनकी मांगों को प्रमुखता से उठाने के लिए मीडिया का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनकी आवाज सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वजीफे में हुई इस बढ़ोतरी को इंटर्न डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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