Edited By Neetu Bala, Updated: 20 Sep, 2026 08:40 PM

उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ परिवार, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : कश्मीर के मीरवाइज़ मौलवी मोहम्मद उमर फारूक ने रविवार को जम्मू-कश्मीर में स्कूली छात्रों के लिए हफ़्ते में दो दिन की छुट्टी के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ परिवार, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
श्रीनगर की जामिया मस्जिद में सीरत कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मीरवाइज़ ने कहा, "मेरा मानना है कि यह सही फ़ैसला है। मैं इसका 100 प्रतिशत समर्थन करता हूं। हमें लगता है कि बच्चों को कम से कम दो दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए।"
मीरवाइज़ ने कहा, "अगर छात्रों को शनिवार और रविवार की छुट्टी मिलेगी, तो वे सोमवार को स्कूल के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाएंगे। इसलिए, मुझे लगता है कि यह एक अच्छा फ़ैसला है और सरकार को इस पर आगे बढ़ना चाहिए।"
उनकी यह टिप्पणी पंपोर के MLA हसनैन मसूदी के स्कूलों में हफ़्ते में पांच दिन काम करने (पढ़ाई) के प्रस्ताव के बीच आई है, जिसका मकसद छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करना है। मसूदी ने कहा है कि उनके प्रस्ताव को आगामी विधानसभा सत्र के लिए चुनी गई सूची में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन फिर भी वह सदन में यह मुद्दा उठाएंगे।
मसूदी ने DIET पंपोर में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री सकीना इटू के सामने भी यह मुद्दा उठाया था। इटू ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और प्रस्ताव को जांच के लिए डायरेक्टरेट ऑफ़ स्कूल एजुकेशन कश्मीर (DSEK) और डायरेक्टरेट ऑफ़ स्कूल एजुकेशन जम्मू (DSEJ) भेजा जाएगा।
मीरवाइज़ ने कहा कि शिक्षा का फ़ोकस सिर्फ़ सिलेबस पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए और छात्रों को अपने परिवार, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए भी समय मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमारा फ़ोकस सिर्फ़ शिक्षा पर नहीं होना चाहिए कि हमें सिलेबस पूरा करना है। बच्चों पर कुल मिलाकर फ़ोकस इस बात पर होना चाहिए कि उन्हें घर पर समय मिले, उन्हें अपने परिवार के साथ समय मिले, उन्हें खेलने का समय मिले और उन्हें अपनी कम्युनिटी में जाने का समय मिले।" उन्होंने कहा कि छात्र पहले से ही स्कूल के काम, ट्यूशन और एक्स्ट्रा क्लास के बोझ तले दबे हैं और दो दिन की छुट्टी उन्हें "ताज़े दिमाग" के साथ स्कूल लौटने में मदद कर सकती है।
मीरवाइज़ ने कई देशों में दो दिन के वीकेंड का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर में छात्रों के लिए भी इस व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि सरकार को इस व्यवस्था को अपनाना चाहिए और दो दिन की छुट्टी की घोषणा करनी चाहिए ताकि बच्चे सोमवार को ताज़े दिमाग के साथ स्कूल आ सकें।"
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