Edited By VANSH Sharma, Updated: 27 Feb, 2026 04:45 PM

श्री बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों एक बड़ा प्रशासनिक फैसला चर्चा में है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
जम्मू-कश्मीर डेस्क: श्री बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों एक बड़ा प्रशासनिक फैसला चर्चा में है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
अब मंदिर परिसर में अनधिकृत YouTubers और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वालों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह के साथ जानकारी दी कि अब केवल अधिकृत और मान्यता प्राप्त मीडिया कर्मियों को ही मंदिर में कवरेज की अनुमति होगी। बिना पंजीकरण वीडियो बनाने वालों पर यह प्रतिबंध तुरंत लागू कर दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, कई बार कुछ लोग कैमरा और ट्राइपॉड लगाकर भीड़ के बीच शूटिंग शुरू कर देते थे। इससे रास्ता रुक जाता था और श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी होती थी। त्योहारों के समय हालात और भी कठिन हो जाते थे।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ सोशल मीडिया संचालक बिना पुष्टि के गलत या बढ़ा-चढ़ाकर खबरें प्रसारित कर देते थे। इससे भ्रम की स्थिति बनती थी और मंदिर की छवि पर असर पड़ता था। मंदिर प्रशासन का कहना है कि वीडियो बनाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होती थी।
प्रशासन नहीं चाहता कि किसी भी लापरवाही से श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में पड़े। हालांकि, अधिकृत मीडिया संस्थानों पर कोई रोक नहीं है। उन्हें वैध पहचान पत्र दिखाना होगा और नियमों का पालन करते हुए ही कवरेज करनी होगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ठाकुर जी के दरबार की गरिमा बनाए रखना और भक्तों को शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन कराना है। प्रशासन को उम्मीद है कि यह फैसला श्रद्धालुओं के हित में साबित होगा।
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