Edited By VANSH Sharma, Updated: 20 Mar, 2026 04:10 PM

जम्मू-कश्मीर के जम्मू स्थित जम्मू यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग के नए सिलेबस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
जम्मू (तनवीर सिंह): जम्मू-कश्मीर के जम्मू स्थित जम्मू यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग के नए सिलेबस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सिलेबस में मोहम्मद अली जिन्ना को शामिल किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए सिलेबस में जिन्ना को शामिल करने के फैसले का कड़ा विरोध जताया। उनका आरोप है कि इस तरह का विषय “पाकिस्तान की सोच” को बढ़ावा देता है। छात्रों का कहना है कि जिन्ना ने कभी भी भारत के अल्पसंख्यकों का सही प्रतिनिधित्व नहीं किया और इस अध्याय के जरिए छात्रों को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की है कि इस अध्याय को तुरंत सिलेबस से हटाया जाए। उनका कहना है कि यदि अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे पढ़ाने हैं, तो भारत के अल्पसंख्यक समुदायों और उनके वास्तविक मुद्दों को शामिल किया जाना चाहिए।

वहीं, इस मामले पर प्रोफेसर बलजीत सिंह मान ने छात्रों की आपत्तियों को गलतफहमी बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों को पूरे सिलेबस की सही जानकारी नहीं है। सिलेबस में जिन्ना की केवल तारीफ नहीं, बल्कि उनके पूरे राजनीतिक जीवन और बदलते रुख को पढ़ाया जाएगा। इसमें यह भी बताया जाएगा कि उन्होंने बाद में टू-नेशन थ्योरी की वकालत की।
उन्होंने आगे कहा कि सिलेबस एक समिति द्वारा तैयार किया जाता है। अगर छात्रों को फिर भी कोई आपत्ति है, तो इस पर समिति के साथ चर्चा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव पर विचार किया जा सकता है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here
जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here