Edited By Sunita sarangal, Updated: 08 Sep, 2026 12:49 PM

त्यौहारी सीजन में जम्मू के बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार कारोबारियों को अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दे रही है।
जम्मू(विक्की): त्यौहारी सीजन में जम्मू के बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार कारोबारियों को अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दे रही है। घर बैठे मोबाइल के माध्यम से सामान मंगाने की सुविधा और ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती लोकप्रियता ने ग्राहकों की खरीदारी की आदतों में बदलाव किया है। इसका असर शहर के पारंपरिक बाजारों के कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है।
कारोबारियों के अनुसार, त्यौहारों को देखते हुए स्थानीय बाजारों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन खरीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी। ऑनलाइन खरीदारी में सामान की आसान उपलब्धता और घर तक पहुंचाने की सुविधा के कारण कई ग्राहक बाजार जाने के बजाय घर बैठे ही खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों के सामने कारोबार बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते दायरे का असर खासकर मध्यम दुकानदारों पर दिखाई दे रहा है। स्थानीय दुकानदारों को किराया, बिजली, कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्च नियमित रूप से वहन करने पड़ते हैं। ऐसे में बिक्री में कमी का असर सीधे उनके कारोबार पर पड़ता है।
स्थानीय बाजारों का महत्व केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है। इनके साथ दुकानदारों, कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं और छोटे कारोबारियों सहित बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। स्थानीय बाजारों में होने वाला कारोबार शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देता है।
ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते दौर के बीच स्थानीय बाजारों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लोगों द्वारा स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने से स्थानीय कारोबार को समर्थन मिलता है और बाजार से जुड़े लोगों की आजीविका को भी सहारा मिलता है। त्यौहारी सीजन में स्थानीय बाजारों से खरीदारी जम्मू के व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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