Edited By Neetu Bala, Updated: 21 Aug, 2026 03:39 PM

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागों और सेवाओं के भर्ती नियमों को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया जाए।
जम्मू (सतीश) : जम्मू-कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रशासनिक सुधार, निरीक्षण एवं प्रशिक्षण विभाग के कामकाज की समीक्षा की और ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) पोर्टल को औपचारिक रूप से शुरू किया है। पोर्टल के जरिए विभागीय पदोन्नति समितियों की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा, जिससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा।
बैठक में भर्ती नियमों को अंतिम रूप देने, कैडर पुनर्गठन, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एम.टी.एस.) से जुड़े मामलों के समाधान तथा जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (बी.ओ.पी.ई.ई.) और सरकारी प्रैस की कार्यक्षमता सहित विभिन्न प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागों और सेवाओं के भर्ती नियमों को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने ऑनलाइन डी.पी.सी. पोर्टल को भी बिना देरी के पूरी तरह संचालित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाना और सेवा संबंधी मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने पोर्टल की कार्यप्रणाली का लाइव प्रदर्शन भी देखा। बी.आई.एस.ए.जी.-एन के सहयोग से विकसित इस पोर्टल में DPC मामलों के लिए मेकर, चैकर और अप्रूवर स्तरों वाली बहु-स्तरीय प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
इससे पदोन्नति मामलों में होने वाली अनावश्यक देरी और प्रशासनिक अड़चनों को कम करने में मदद मिलेगी। पोर्टल अब सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया गया है, जो सभी सरकारी विभागों में इसके तत्काल उपयोग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा।
बैठक में बताया गया कि भर्ती नियमों के ऑनलाइन प्रसंस्करण के लिए भी पोर्टल विकसित किया गया है। इसकी सुरक्षा जांच सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और इसे राज्य डेटा केन्द्र पर होस्ट किया गया है। इसे ई-ऑफिस प्रणाली के साथ भी जोड़ा जा रहा है।
आयुक्त सचिव शबनम कामिली ने बताया कि जनवरी 2024 से स्थायी समिति की 61 बैठकें हो चुकी हैं। इनमें 36 सेवाओं के भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई है, जबकि 13 सेवाओं के नियम कार्यकारी आदेशों के माध्यम से स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 88 अन्य सेवाओं के लिए प्रारंभिक बैठकें पूरी हो चुकी हैं।
बी.ओ.पी.ई.ई. के संबंध में बताया गया कि 2026-27 सत्र की सभी काऊंसलिंग ऑनलाइन ई-काऊंसलिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जम्मू और श्रीनगर से बाहर भी परीक्षा केन्द्र बढ़ाए जा रहे हैं।
सरकारी प्रैस की समीक्षा में बताया गया कि जम्मू और श्रीनगर प्रैस को मिले 1,146 प्रिंटिंग कार्यों में से 751 कार्य यानी 65.53 प्रतिशत पूरे किए जा चुके हैं। दोनों प्रैस ने 2026-27 में अब तक 500.78 लाख रुपये का संयुक्त राजस्व अर्जित किया है।
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